73 जन्मदिवस कहे कान में जगत के धंधे छोड़। कहां कीच में फंस रहा , दुनिया से मुंह मोड़।। दुनिया से मुंह मोड़, यहां नहीं कुछ भी तेरा। उड़ने पर इस डाल से, फिर होगा कहां बसेरा ? हावी तुझ पर हो रही, स्याह रात की मावस।। रजनी को दूर हटाना, बतलाता जन्मदिवस।। 74 निरोग […]