103 वोटों के इस राज में, हो रह्यौ उल्टा खेल। घोड़े गधा सब एक हैं, कियौ अनोखा मेल।। कियौ अनोखा मेल, सब कुछ हुआ बिकाऊ। नोटों से सत्ता मिले, हो गई जमीर बिकाऊ।। नोट वोट का खेल निराला, लोकतंत्र में आज। नहीं देश की चिंता, बन्धु ! वोटों के इस राज ।। 104 धनबल चलता […]
कुंडलियां … 35 नेता ही करवाते दंगे ,……..