जिस समय देश आजादी की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा था और देश का विभाजन अंग्रेज लगभग निश्चित करते जा रहे थे , उसी समय पाकिस्तान के विकल्प के रूप में गांधीजी ने एक अनोखा प्रस्ताव रखा । सार रूप में उन्होंने वायसराय को बताया कि —- ” आप वर्तमान मंत्रिमंडल को भंग कर […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
द्रोपदी महाभारत की एक आदर्श पात्र है। लेकिन द्रोपदी जैसी विदुषी नारी के साथ हमने बहुत अन्याय किया है। सुनी सुनाई बातों के आधार पर हमने उस पर कई ऐसे लांछन लगाये हैं , जिससे वह अत्यंत पथभ्रष्ट और धर्म भ्रष्ट नारी सिद्घ होती है। एक ओर धर्मराज युधिष्ठर जैसा परमज्ञानी उसका पति है, जिसके […]
कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी इन दिनों एक ‘ ‘अज्ञात ‘ बीमारी से पीड़ित हैं । जिसके लिए वह अमेरिका जाकर भी अपना उपचार करा आई हैं । उन्होंने अपनी इस बीमारी के दृष्टिगत ही अपने बेटे राहुल गांधी को अपना उत्तराधिकारी बना कर राहत की सांस ली थी । परंतु राहुल उनके लिए स्वयं […]
सरदार पटेल ने हैदराबाद में मुस्लिम सांप्रदायिकता और भावनात्मक ब्लैकमेलिंग के सामने झुकने से इनकार कर दिया था । हैदराबाद को सरदार पटेल सैनिक कार्यवाही से अपने अधीन लाने में सफल भी रहे थे । उनके इस निर्णय से पंडित नेहरू सहमत नहीं थे । नेहरू को डर था कि सरदार पटेल की कठोरता कहीं […]
आज ” विजयी विश्व तिरंगा प्यारा – – – – ” गीत के रचयिता श्यामलाल गुप्त पार्षद जी की 127 वीं जयंती के अवसर पर उस आदर्श अध्यापक , आदर्श पत्रकार , आदर्श रचनाकार , महान स्वतंत्रता सेनानी , 1969 में पदमश्री प्राप्त करने वाले और मां भारती के सच्चे सपूत को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि। […]
14 सितंबर को हिंदी दिवस पर विशेषआज हम स्वतंत्र देश के स्वतंत्र नागरिक हैं। हमारी राष्ट्र भाषा हिंदी है, इस भाषा को बोलने वाले विश्व में सबसे अधिक लोग हैं। अंग्रेजी को ब्रिटेन के लगभग दो करोड़ लोग मातृ भाषा के रूप में प्रयोग करते हैं, जबकि हिंदी को भारत वर्ष में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, […]
आजादी से पहले हैदराबाद फ्रांस के बराबर क्षेत्रफल और आबादी वाली एक छोटी सी रियासत थी । इसका क्षेत्रफल 82 313 वर्ग मील और आबादी लगभग सवा दो करोड़ की थी। इस राज्य की 89% जनसंख्या हिंदू थी । कासिम रिजवी रजाकार मुसलमानों की जमात का अगुआ था और रियासत का नवाब निजाम पर भारी […]
लेखकीय निवेदन कूड़ेदान में कागज या और दूसरी अनुपयोगी वस्तुओं को फेंकना तो हर देश में और हर समाज में देखा जाता है , परंतु अपने क्रांतिकारियों को उठाकर इतिहास के कूड़ेदान में फेंकने का काम केवल भारत में ही होता है। ऐसा नहीं है कि अपने क्रांतिकारियों को इतिहास के कूड़ेदान में फेंकने का […]
अतीत हिंद का इन गुब्बारों से पूछो। वो क्या दबदबा था, इन सितारों से पूछो ।। हर गृहस्थ को प्रतिदिन पंच महायज्ञ करने के लिए कहा हैधर्मशास्त्रों ने भी : श्रद्धानंद जी महाराज सूरजपुर स्थित आर्य समाज मंदिर में चल रहे 8 दिवसीयऋग्वेद पारायण महायज्ञ-2019 के चौथे दिन, बुद्धवार, 11 सितंबर-2019 प्रातः 8 बजेः वैदिक […]
5 दिसंबर सन 1900 को पुराने गया जनपद के अंतर्गत औरंगाबाद के खरान्टी गांव में एक बालक ने जन्म लिया । पिता दामोदर प्रसाद ने बच्चे का नाम श्याम रखा । यह बालक जब कुछ बड़ा हुआ तो क्रांतिकारी आंदोलनों के प्रति आकर्षित होने लगा। इसका कारण यह था कि उनके पिता दामोदर प्रसाद पुलिस […]