साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के नाथूराम गोडसे सम्बंधित बयान के कारण संसद में विवाद हो गया है। इस विवाद के पक्ष में संभवत कोई राजनेता खड़ा हो। मगर इस लेख को पढ़कर सोशल मीडिया के पाठक अवश्य खड़े हो जायेंगे। इस लेख में वो सत्य है। आज़ादी के बाद करीब 60 वर्षों तक कांग्रेस का हमारे […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
बात 1857 की क्रांति के बाद की है , जब 1871 में पंजाब में कूका आंदोलन चल रहा था । कूका आंदोलन को नामधारी सिख पंथ के नेता सद्गुरु रामसिंह कूका जी के नेतृत्व में लड़ा गया था । उन्होंने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार करने और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की भावना पर बल दिया […]
ओ३म् ========== हम इस ब्रह्माण्ड के पृथिवी नामी ग्रह पर रहते हैं। इस ब्रह्माण्ड को सच्चिदानन्दस्वरूप, सर्वव्यापक, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, अनादि, नित्य तथा सृष्टिकर्ता परमेश्वर ने बनाया है और वही इसका संचालन वा पालन कर रहा है। ईश्वर के समान व उससे बड़ी उस जैसी कोई सत्ता नहीं है। उसका अपना स्वभाव है। वह दयालु, न्यायकारी, […]
मानवीय क्रिया-कलाप और पर्यावरण प्रदूषण 26/11/2019 डॉ. राकेश राणा दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अब तक की सबसे तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से कहा कि गैस चेम्बर बनी दिल्ली में लोग घुट-घुटकर क्यों जिएं, आप प्रदूषण नहीं रोक सकते तो विस्फोटक से उन्हें उड़ा क्यों […]
उन दिनों लुई फिशर भारत की यात्रा पर आये थे। देश के विभाजन की संभावनाएं बड़ी तेजी से बनती जा रही थीं। लुई को यह बता दिया गया था कि विभाजन पर कांग्रेस लगभग सहमत हो चुकी है, परंतु सावरकर और उनका दल अभी भी बड़ी कठोरता से विभाजन का विरोध कर रहा है। तब […]
राजा का रमणीय भवन एक सम्राट ने अपनी राजधानी के मध्य में एक बहुत बड़ा भवन बनवाया। वह भवन बहुत ही सुदृढ़ विशाल और सुंदर था। जो कोई भी राजा के पास आता वह उस भव्य भवन की प्रशंसा किये बिना नही रहता था। इससे राजा को बड़ी प्रसन्नता की अनुभूति होती थी। एक बार […]
महात्मा ज्योतिबा फुले भारतीय इतिहास के एक ऐसे महान नक्षत्र हैं , जिनकी ज्योति से संपूर्ण भारतीय समाज प्रकाशमान हो रहा है । इनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। महात्मा ज्योतिबा फुले जी की माता का नाम चिमणाबाई तथा पिता का नाम गोविन्दराव था। वह माली परिवार से थे और क्योंकि […]
ओ३म् -आर्यसमाज लक्ष्मणचैक-देहरादून का वार्षिकोत्सव- ========= आर्यसमाज लक्ष्मणचैक देहरादून के शनिवार दिनांक 23-11-2019 को वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन अपरान्ह 3.00 बजे से यज्ञ आरम्भ हुआ। यज्ञ तीन वृहद यज्ञकुण्डों में किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा के आसन पर आगरा के वैदिक विद्वान श्री उमेशचन्द्र कुलश्रेष्ठ विद्यमान थे। उनका साथ श्री सत्यपाल सरल एवं आर्यसमाज के […]
——————————————– अध्याय –14 पराजय और अपराजय की आंख मिचौनी बहादुरशाह इस बात को लेकर बहुत दुखी था कि बंदा वीर बैरागी का सामना करने के लिए सारी मुगल शक्ति दुर्बल पड़ती जा रही थी। वह नहीं चाहता था कि बंदा बैरागी के नेतृत्व में हिंदू शक्ति भारतवर्ष में फिर से खड़ी हो और यहां से […]
सरकारी स्तर पर भारत में ‘ संविधान दिवस ‘ मनाने की परंपरा मोदी सरकार के सत्ता संभालने के पश्चात 2015 से प्रारंभ की गई । इससे पूर्व संविधान दिवस के रूप में 26 नवंबर को कुछ अंबेडकरवादी और बहुत मनाते आ रहे थे । इस बार के संविधान दिवस पर संविधान की अस्मिता और संविधान […]