नई दिल्ली । (विशेष संवाददाता ) अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संदीप कालिया ने कहा है कि पीओके पर कब्जा करने का यह सही समय है ।उन्होंने भारतीय सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के इस संबंध में दिए गए बयान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत के पौरुष और […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ओ३म् ========== हमारा यह संसार एवं प्राणी जगत ईश्वर की विशिष्ट रचना है। यह संसार परमात्मा ने अपना कोई प्रयोजन पूरा करने के लिये नहीं अपितु जीवात्माओं का सुख एवं कल्याण करने की भावना से बनाया है। जीवात्मा चेतन तथा अल्पज्ञ सत्ता है। जीवात्मा अनादि व नित्य होने से संसार में सदा से है और […]
ओ३म् ========== वेदों का आविर्भाव सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा से हुआ था। सृष्टि के आरम्भ में न कोई भाषा थी न ही ज्ञान। ज्ञान भाषा में ही निहित होता है। मनुष्यों की प्रथम उत्पत्ति से पूर्व भाषा व ज्ञान का होना असम्भव व अनावश्यक था। भाषा तो मनुष्यों की उत्पत्ति के बाद ही हो […]
दादरी । ( संवाददाता ) यहां के गांव महावड़ में गाटा संख्या 885 में लगभग 2200 मीटर ग्राम समाज की भूमि पर जिला प्रशासन और एसडीएम दादरी के द्वारा तालाब खुदवाये जाने का निर्णय लिया गया है। जब जिले का भूगर्भीय जल स्तर दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा हो और पेयजल की समस्या लोगों को […]
दादरी। ( ब्यूरो चीफ ) तहसील दादरी में यूं तो एसडीएम ,एएसडीएम , तहसीलदार, तहसीलदार (न्यायिक )और दो नायब तहसीलदार तैनात हैं , परंतु तहसील दादरी का यह दुर्भाग्य ही है कि एक भी अधिकारी तहसील भवन पर उपलब्ध नहीं मिलता । यहां तक कि पटवारी और कानूनगो या रजिस्ट्रार कानूनगो तक भी तहसील भवन […]
नई दिल्ली । ( अजय आर्य ) यहां प्रगति मैं आयोजित किए गए विश्व पुस्तक मेले के अवसर पर हॉल नंबर 12 ए में डायमंड पॉकेट बुक्स की ओर से डॉ राकेश कुमार आर्य की पुस्तक ‘ महिला सशक्तिकरण और भारत ‘ का विमोचन विगत 10 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर किया […]
भारत के बारे में पश्चिम के विद्वानों ने यह भ्रांति फैलाने का निरर्थक प्रयास किया है कि भारत में राष्ट्रवाद की भावना कभी नहीं रहीऔर भारत में राष्ट्रवाद का प्रचार – प्रसार ब्रिटिश काल में हुआ । उससे पहले इस देश में राष्ट्रीयता की भावना थी ही नहीं। जिन विदेशी विद्वानों , लेखकों या इतिहासकारों […]
14 जनवरी 1761 को आज ही के दिन पानीपत का तीसरा युद्ध’ अहमद शाह अब्दाली और मराठा सेनापति सदाशिव राव भाऊ के मध्य पानीपत के मैदान मे हुआ । मराठों के नेतृत्व में हिंदुत्व की बढ़ती शक्ति का दमन करने के लिए इस युद्ध में दोआब के अफगान रोहिला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला ने […]
संस्कृति संरक्षण और शिक्षा
डॉ. अवधेश कुमार ‘अवध’ यह कल्पना करना ही भयावह लगता है कि अगर शिक्षा न होती तो क्या होता? अगर शिक्षा न होती तो प्राचीनतम् विचारों का क्रमबद्ध संकलन होना सम्भव नहीं होता। गुरुकुल या विद्यापीठ अथवा आज के अत्याधुनिक विद्यालय नहीं होते। समाजीकरण की सतत् प्रक्रिया सुचारु नहीं हो पाती। हमारी अनमोल धरोहर जिसे […]
परीक्षा : उम्मीदवार की या जनता की
जनतन्त्र जनतामय होता है। जनता के बीच से जनता द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि जननायक, जननेता, जनसेवक या ऐसे ही बहुतेरे विशेषणों से सुशोभित होता है। ग्राम पंचायत से संसद तक निर्वाचन की प्रक्रिया ही आधारभूत है। संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक अर्हताओं को पूरा करके किसी भी एक पद के लिए दर्जनों उम्मीदवार मतदाताओं के समक्ष […]