दलित चिंतकों के इतिहास ज्ञान की सीमा मध्य काल में सम्राट अशोक और आधुनिक काल में अम्बेडकर तक सीमित हो जाती हैं। इसका प्रमाण वे अपनी भड़ास निकाल कर देते रहते हैं। आज एक अन्य नमूना उन्होंने दिया। महिला दिवस पर लिखते है कि भारत के इतिहास की सर्वप्रथम महिला शिक्षिका फातिमा शेख और सावित्रीबाई […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
नीम आजाद दरख़्त -ए – हिंद
————————————————————– फारसी में यही नाम है नीम के वृक्ष का आजाद दरख़्त -ए- हिंद…. अरब ,फारस वालों ने यही नाम भारतीय उपमहाद्वीप में पाए जाने वाले नीम के वृक्ष को दिया… नीम उन देशों में भी पाया जाता है जो कभी भारतीय भूभाग से कटकर अलग हो गए… . अर्थात नीम केवल भारतवर्ष में ही […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार जिसने बड़ी मात्रा में ईंट-पत्थर घरों, मस्जिदों और ऊँचे मकानों की छतों पर सजा कर रख दिए हों, जिसने पेट्रोल खरीदकर, काँच की बोतलें इकट्ठा कर पेट्रोल बम बनाकर तैयार कर लिए हों, जिसने तेजाब खरीदकर बोतलों में जमा कर लिया हो, जिसने अपनी रक्षा के लिए हथियारों को सहेजकर रख लिया […]
कोलकाता के रबींद्र भारती विश्वविद्यालय की तरह मालदा की चार छात्राओं ने रबींद्र नाथ ठाकुर के गीत को विकृत करके अश्लील विडियो बनाया। यह मामला मालदा के बारलो गर्ल्स हाई स्कूल की है। विडियो स्कूल परिसर में बनाया गया है, जिसमें स्कूल ड्रेस में छात्राओं को अश्लील गीत गाते देखा जा सकता है। देखते ही […]
ओ३म् ============ महाभारत युद्ध से पूर्व व महाभारत तक हमारे देश में वेद के ज्ञानी ऋषियों की परम्परा रही है। ऋषि उसे कहते हैं जो वेदों का ज्ञानी, योगी तथा समाधि को प्राप्त कर ईश्वर का साक्षात्कार किया हुआ हो। वेद परमात्मा का ज्ञान है जो सभी प्रकार की अविद्या एवं अन्धविश्वासों से मुक्त है। […]
ओ३म् =========== आर्यों को परमात्मा ने सृष्टि के आरम्भ में चार वेदों का ज्ञान दिया था। अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न चार ऋषि व स्त्री-पुरुष विश्व के सभी मनुष्यों व मत-मतान्तरों के आचार्यों व अनुयायियों के पूर्वज थे जिन्हें अधिकांश मत व विश्व के लोग विस्मिृत कर चुके हैं। वेद व ऋषियों से ही हमें काल […]
ओ३म =========== कल रविवार दिनांक 8-3-2020 को वैदिक साधन आश्रम तपोवन देहरादून में 20 दिवसीय चतुर्वेद पारायण यज्ञ एवं योग ध्यान साधना शिविर का समापन हुआ। इस कार्यक्रम में साधक के रूप में एक व्यक्ति श्री वेदपाल सिंह, मेरठ भी उपस्थित थे। आपने एक साधक के रूप में इस शिविर में चार दिन व्यतीत किये। […]
वेदों का भारत की राजनीति पर प्राचीन काल से ही बहुत गहरा प्रभाव रहा है । प्रजा राजा के प्रति श्रद्धालु इसलिए रहती थी कि वह राजा को ईश्वर का प्रतिनिधि मानती थी और राजा इसलिए जनता में लोकप्रिय बने रहने का प्रयास करता था कि वह ईश्वर के न्यायकारी स्वरूप को ध्यान में रखकर […]
ओ३म् ============ वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून में रविवार 8 मार्च, 2020 को 20 दिवसीय चतुर्वेद पारायण यज्ञ एवं ध्यान योग एवं स्वाध्याय शिविर का समापन समारोहपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन का कुछ विवरण हम एक लेख द्वारा उपलब्ध करा चुके हैं। शेष विवरण इस लेख द्वारा प्रस्तुत कर रहे हैं। आश्रम में आज प्रातः […]
ओ३म् -नारी दिवस पर- ======== सृष्टि का आदि ग्रन्थ कौन सा है? इसका उत्तर है चार वेद ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद सृष्टि के आदि ग्रन्थ है। इन ग्रन्थों की रचना कैसे व किससे हुई? इसका उत्तर है कि वेद परमात्मा का ज्ञान है जो उसने मनुष्य जाति के कल्याण के लिए सृष्टि के आरम्भ […]