ओ३म् =========== परमात्मा ने हमारे पूर्वजन्म के कर्मों के आधार पर हमें इस जन्म में मनुष्य बनाया है। हम सब अपनी अपनी आयु के कुछ सोपान पार चुके है। जीवन का जो समय बीत गया वह वापिस नहीं आ सकता परन्तु जो वर्तमान व भविष्य का समय है उस पर विचार व चिन्तन कर हम […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
ओ३म् ============ हमारा यह ब्रह्माण्ड स्वयं नहीं बना। संसार की कोई भी उपयोगी वस्तु स्वतः नहीं बनती अपितु इन्हें कुछ ज्ञान-विज्ञान से पूर्ण मनुष्यों द्वारा उत्पन्न किया जाता है। किसी भी वस्तु की रचना के तीन प्रमुख कारण होते हैं। प्रथम कारण चेतन निमित्त कर्ता हुआ करता है। दूसरा प्रमुख कारण उपादान कारण होता है […]
निशाने पर समस्त भारतीय धर्म ग्रंथ
निशाने पर समस्त भारतीय धर्मग्रंथ मनोज ज्वाला पश्चिम के मजहबी झण्डाबरदारों ने प्राचीन भारतीय शास्त्रों-ग्रन्थों के विकृतिकरण का अभियान-सा चला रखा है। इसके लिए भारतीय वाङ्ग्मय में घुसने का सुराख तमिल साहित्य में सेंध मारकर बनाया गया है। जबकि वेदों का उल्टा-पुल्टा अनुवाद करने वाले षड्यंत्रकारी मैक्समूलर के ‘द्रविड़वाद’ को सेंधमारी के लिए औजार के […]
मधुबन कभी न मरता है
मधुवन कभी न मरता हैपतझड़ लाख करे कोशिश परमधुवन कभी न मरता है ।अपनों से आहत हर प्राणीसपनों में भी डरता है ।।मौन हो गयीं सब शाखाएंपत्तों के गिर जाने पर ।लेकिन उत्सव खूब मनायानई कोपलें आने पर ।।टहनी से पत्तों का गिरनातरु को बहुत अखरता है । पतझड़ लाख———-गहरे सागर की लहरें भीतट का […]
वैदिक संपत्ति गतांक से आगे… द्वितीय खंड में हम लिख आए हैं कि आर्यों की उत्पत्ति हिमालय के ‘ मानस ‘ स्थान पर हुई।बहुत दिन तक आर्य लोग हिमालय पर ही रहे। संततिविस्तार के कारण उन्होंने हिमालय से नीचे उतर कर भूमि तलाश की। जिस रास्ते से वे आये उस रास्ते का नाम उन्होंने हरद्वार […]
बिखरे मोती भाग 314
गतांक से आगे… 3- गरुड़ प्रवृत्ति:- गरुड़ प्रवृत्ति को गिद्ध प्रवृत्ति भी कहते हैं। गरुण ऐसा पक्षी है,जो बड़ी ऊंची और लंबी उड़ान भरता है। इसलिए उसे अपने पंखों पर बड़ा घमंड होता है। इस घमंड के कारण वह अन्य पक्षियों को हेय और अपने आप को श्रेष्ठ समझता है। उसका यह अहंकार जब टूटता […]
सत्यार्थ प्रकाश : एक अनुपम ग्रंथ
भाग 73 दसवाँ समुल्लास राकेश आर्य बागपत अथ दशमसमुल्लासारम्भः अथाऽऽचाराऽनाचारभक्ष्याऽभक्ष्यविषयान् व्याख्यास्यामः इस समुल्लास में महऋषि दयानन्द सरस्वती धर्मयुक्त कामों का आचरण, सुशीलता, सत्पुरुषों का संग, सद्विद्या के ग्रहण में रुचि आदि आचार और इन से विपरीत अनाचार कहाता है; तथा मनुष्य को क्या खाना चाहिये और क्या नही खाना चाहिए उस को लिखते हैं- विद्वद्भिः […]
दंगाइयों का यह है सही इलाज
बचपन में एक कहानी सुनी थी। एक बार एक राज्य में 4 आदमी जुआ खेलते पकड़े गए। दण्ड देने से पहले राजा ने इतिहास पता करवाया उसी के अनुसार दण्ड दिया।पहला बहुत संवेदनशील था। उसे कभी किसी ने गलत बोलते भी नही देखा था। भ्रम में पड़ कर जुए वालों के साथ चला गया।पहले की […]
बात 1660 ईस्वी की है। जब शिवाजी महाराज पन्हाला किले में डेरा डाले पड़े थे । उनके बारे में यह जानकारी मिलने पर कि वह इस समय पन्हाला किले में हैं ,अली आदिलशाह ने अपनी एक सेना जनरल सिद्धि जौहर के नेतृत्व में शिवाजी को पकड़ने के लिए भेजी। सिद्धि जौहर ने पन्हाला किले को […]
काढ़ा एक आयुर्वेदिक पेय पदार्थ है, जो कई तरह की घरेलू औषधियों को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसके सेवन से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इससे मौसमी बीमारियों से बचने में मदद मिलती है। दरअसल काढ़ा शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत करता है यानी बीमारियों से लड़ने की ताकत प्रदान करता है। […]