आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार नागरिकता संशोधक कानून में हिन्दुत्व, मोदी, योगी और अमित का विरोध करने के साथ-साथ NPR और NRC का भी विरोध करने वालों को दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने बल ही नहीं बल्कि कहा जाए फूस में चिंगारी लगा दी है। जबकि गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 12 को राज्यसभा में स्पष्ट रूप […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारत में कट्टरपंथी किस सीमा तक पहुँच चुकी है, इसका उदाहरण पूर्व चुनाव आयुक्त के ट्वीट से देखने को मिला, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोरोना से पीड़ित होने की दुआ मांगी जा रही है। मोदी से किसी विषय पर भेदभाव होना एक अलग बात है, लेकिन इस तरह की दुआ मांगना […]
ओ३म् ============= मनुष्य जैसे जैसे वेदों से दूर होता रहा वैसे वैसे वह उतना ही अविद्या, अज्ञान व अन्धविश्वासों में फंसता चला गया। हम ईश्वर व वेद को मानने वाले आर्यावर्तीय आर्य व हिन्दू हैं। हमें अपने देश के अन्धविश्वासों तथा सामाजिक कुरीतियों का ज्ञान ऋषि दयानन्द ने कराया था। ऋषि दयानन्द को पढ़कर हम […]
कोलकाता । (विशेष संवाददाता ) अखिल भारत हिंदू महासभा के पश्चिम बंगाल प्रांत के अध्यक्ष सुन्दर गिरि जी महाराज ने कहा है कि पश्चिमी बंगाल की ममता सरकार निरंतर हिंदुओं का उत्पीड़न कर रही है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की नीति पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के द्वारा घातक स्तर पर खेली जा रही है। […]
मध्यप्रदेश में जो कुछ भी हुआ है , वह अप्रत्याशित नहीं है। वर्तमान राजनीति से इससे अधिक कुछ अपेक्षा भी नहीं की जा सकती कि यह प्रतिशोध , प्रतिरोध और क्रोध के जंगल में लगी आग से बाहर निकल कर भी कुछ सोचेगी । यह नहीं कहा जा सकता कि इसके लिए जिम्मेदार कौन है […]
आयुर्वेद के अनुसार ऐसे कई खाद्य आहार हैं जिन्हें खाने से कई बीमारियों से बचे रहने के साथ आपका तन-मन भी मजबूत होता है। ऐसे ही दो खाद्य आहार ऐसे हैं, जिन्हें आयुर्वेद में संपूर्ण आहार माना जाता है। ये संपूर्ण आहार है दूध और शहद। नेशनल डेयरी काउंसिल के अनुसार, दूध में नौ एसेंशियल […]
गौतम बुद्ध खुद को ब्राह्मण मानते थे
– कार्तिक अय्यरजो लोग बुद्ध जी के नाम पर ब्राह्मणों को कोसते हैं,वे यह भी देख लें कि बुद्ध स्वयं को ही ब्राह्मण मानते थे! इसके बाद भला वे अंबेडररवादी किस बात का विरोध करेंगे? हम भिक्षु धर्मरक्षित के सुत्तनिपात हिंदी अनुवाद का उद्धरण दे रहे हैं। पाठकगण,अवलोकन करें-१- ऋषिसत्तम ब्राह्मणवंगीश ने कहा-एस सुत्वा पसीदामि, […]
आर्यावर्त शब्द हमारे भारत के प्राचीन गौरव को दर्शाने वाला बहुत ही पवित्र शब्द है । आर्यावर्त का शाब्दिक अर्थ है- ‘आर्यो आवर्तन्तेऽत्र’ अर्थात् ‘आर्य जहाँ सम्यक प्रकार से बसते हैं।’ आर्यावर्त का दूसरा अर्थ है- ‘पुण्यभूमि’। मनुस्मृति 2.22 में आर्यावर्त की परिभाषा इस प्रकार दी हुई है- आसमुद्रात्तु वै पूर्वादासमुद्रात्तु पश्चिमात्। तयोरेवान्तरं गिर्योरार्यावर्त विदुर्बुधा: […]
ओ३म् =========== परमात्मा ने हमारे पूर्वजन्म के कर्मों के आधार पर हमें इस जन्म में मनुष्य बनाया है। हम सब अपनी अपनी आयु के कुछ सोपान पार चुके है। जीवन का जो समय बीत गया वह वापिस नहीं आ सकता परन्तु जो वर्तमान व भविष्य का समय है उस पर विचार व चिन्तन कर हम […]
ओ३म् ============ हमारा यह ब्रह्माण्ड स्वयं नहीं बना। संसार की कोई भी उपयोगी वस्तु स्वतः नहीं बनती अपितु इन्हें कुछ ज्ञान-विज्ञान से पूर्ण मनुष्यों द्वारा उत्पन्न किया जाता है। किसी भी वस्तु की रचना के तीन प्रमुख कारण होते हैं। प्रथम कारण चेतन निमित्त कर्ता हुआ करता है। दूसरा प्रमुख कारण उपादान कारण होता है […]