कविता — 48 आर्य पुत्र हो तुम भारत के तर्ज : फिरकी वाली तू कल फिर आना…. सुनो हिन्दू , तू वीर है बंधु , मत भूलो उस इतिहास को तूने धूल चटाई हर तूफान को ।। पुकारती है हमारी भारती आरती करें माँ ले थाली । केसरिया ले बढो साथियों घड़ी है बलिदानों […]
आर्य पुत्र हो तुम भारत के