मिला है जीवन लड़ने को, तूफान जगत के जितने भी। ‘अर्जुन’ ! तुझको लड़ना होगा, महारथी खड़े हों कितने भी।। तूफानों से पीठ फेरना, ना रहा हमारी रीति में। डटकर संघर्ष किया हमने, यही लिखा हमारी नीति में।। जब ललकारे कोई ‘ दुर्योधन’, करे चीरहरण किसी नारी का। कभी तेज तुम्हारा झुके नहीं, करो अंत […]
डटकर संघर्ष किया हमने