जब नभ में सूरज चढ़ता हो, मौन रह , करते सब वंदन। भूमंडल की सभी शक्तियां, शीश झुकाए करें अभिनंदन।। उत्थान काल में बढ़ती गर्मी, विस्तार दिलाती है तुमको। जैसे नभ में चढ़ा सूर्य, हर लेता है सारे तम को।। उत्थान काल में बढ़ते रहना, विनम्र और सहज बनकर। सत्व – भाव में जीते रहना, […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
मधुमय यह वसंत है शुभ हो मंगल मूल। उल्लसित हैं सब दिशा खिल रहे प्यारे फूल।। सरसों फूली खेत में, बिखर गया है रंग। प्रकृति बतला रही, जीने का नया ढंग।। सरस रस हृदय पीओ, करो सदा आनंद। ओ३म नाम सिमरा करो कट जाएंगे फंद।। घृणा की ठिठुरन गई, प्रेम है भावविभोर। वसंत हृदय में […]
काम भयंकर विषधर है
काम भयंकर विषधर है, नहीं बचा दंश से कोई भी। काम कुचाली भूचाली के, ना बचा वेग से कोई भी।। बहुत भयंकर डकैत देह में, बैठा हुआ है छुप करके। जागृत करता पापवासना, विवेक का दीप बुझा करके।। जितने भर भी पाप जगत में, होता सबका मुखिया काम। देह जलाता – गेह जलाता, अपयश – […]
किए का फल मिलना निश्चय
हर वृक्ष लता से पूछा मैंने, तुम किस कारण यहां खड़े ? किस कारण तुम भोग रहे हो, फल कर्मों के बहुत कड़े ? वृक्ष लता एक सुर से बोले – नियम भंग के दोषी हैं हम। कठोर मिली है कारा हमको, दूर-दूर तक छाया है तम।। पाप रहा होगा छोटा सा, फल भयंकर विषधर […]
डटकर संघर्ष किया हमने
मिला है जीवन लड़ने को, तूफान जगत के जितने भी। ‘अर्जुन’ ! तुझको लड़ना होगा, महारथी खड़े हों कितने भी।। तूफानों से पीठ फेरना, ना रहा हमारी रीति में। डटकर संघर्ष किया हमने, यही लिखा हमारी नीति में।। जब ललकारे कोई ‘ दुर्योधन’, करे चीरहरण किसी नारी का। कभी तेज तुम्हारा झुके नहीं, करो अंत […]
दिल्ली विधानसभा चुनाव का प्रचार इस समय अपने चरम पर है। भारतीय राजनीति में अपनी नौटंकियों के लिए मशहूर हो चुके आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव में अपनी जमीन को खिसकती देखकर कुछ बौखलाए से लग रहे हैं। उन्होंने उन्होंने अपने चिर परिचित शैली में हरियाणा पर आरोप लगाया है कि […]
मजहब ही तो सिखाता है आपस में बैर रखना पुस्तक से …. डॉ राकेश कुमार आर्य भारत के लाखों करोड़ों वर्ष के इतिहास को गहरे गड्ढे में दबाकर भारतद्वेषी इतिहासकारों ने केवल और केवल मुगल काल को प्रमुखता देते हुए उसे कुछ इस प्रकार प्रस्तुत किया है कि जैसे, आज का भारत मुगलों के स्वर्णिम […]
आज देश अपना ७६ वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। २६ जनवरी १९५० भारतीय संविधान के लागू होने की तिथि है। उस दिन हमारे सनातन राष्ट्र भारतवर्ष ने अपने गणतंत्र का दिशा पथ निर्धारित किया था। सदियों तक लाखों करोड़ों बलिदान देने के पश्चात जिस गणतंत्र के राष्ट्रपथ पर देश ने चलने का निर्णय लिया […]
स्वामी दयानंद जी महाराज द्वारा स्थापित आर्य समाज जैसी पवित्र संस्था को स्थापित हुए अब 150 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इस कालखंड में हमारे देश के राष्ट्रीय इतिहास में अनेक घटनाएं घटित हुई हैं। यदि सूक्ष्मता से अवलोकन किया जाए तो आर्य समाज ने भारत के राष्ट्रीय इतिहास को इस कालखंड में बड़ी गहराई […]
हिंदवी स्वराज के संस्थापक शिवाजी और उनके उत्तराधिकारी पुस्तक से … – डॉ राकेश कुमार आर्य इति हास में कोई भी घटना अपने समकालीन इतिहास को अवश्य प्रभावित करती है। यदि उस घटना के समकालीन घटना चक्र पर दृष्टिपात किया जाए तो पता चलता है कि एक घटना दूसरी को और दूसरी घटना तीसरी को […]