1947 में देश के विभाजन का प्रमुख कारण मुस्लिम साम्प्रदायिक थी। जिन्नाह ने स्पष्ट घोषणा कर दी थी कि-‘‘हिंदू मुसलमानों का एक राष्ट्र के रूप में सहअस्तित्व संभव नही है। वह दो अलग-अलग राष्ट्र हैं। किसी भी राजनैतिक अथवा प्रशासनिक उपाय द्वारा उनको एक राष्ट्र में संगठित नही किया जा सकता है। उनके प्रेरणा स्रोत […]
Author: देवेंद्र सिंह आर्य
लेखक उगता भारत समाचार पत्र के चेयरमैन हैं।
बात 1912 की है। भारत का एक नवयुवक सैन्फ्रासिस्को पहुंचा। सैन्फ्रासिस्को में उन दिनों बाहर से आने वाले लोगों पर रोक-टोक होने लगी थी। इसलिए इमीग्रेशन अधिकारी ने उस भारतीय युवक से पूछा-‘‘तुम यहां क्यों आये हो?’’युवक ने कहा-‘‘मैं पढऩे के लिए आया हूं।’’अधिकारी ने पुन: पूछा-‘‘क्या भारतवर्ष में पढऩे की सुविधा नही है?’’युवक ने […]
नये वर्ष की पूर्व संध्या पर पाकिस्तान ने फिर दुस्साहस किया और भारत के एक बीएसएफ जवान को शहीद कर दिया। भारत का जवान शहीद तो हो गया, पर हमारे जांबाज सैनिकों ने भी ईंट का जवाब पत्थर से देकर पाकिस्तान के चार जवानों को मौत की नींद सुला दिया। वास्तव में जब देश का […]
केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने पिछले दिनों बयान दिया जिसमें एक समुदाय के लोगों को उन्होंने ‘रामजादा’ तो दूसरे समुदाय के लोगों को ”…..रामजादा” कह दिया। भारत जैसे महान देश की केन्द्रीय मंत्री की भाषा में यदि ऐसे शब्द आते हैं, तो निश्चय ही इसे राजनीति के गिरते हुए स्तर के रूप में देखा […]
नोएडा प्राधिकरण का प्रभावशाली अधिकारी यादव सिंह इस समय चर्चा में है। उसका चर्चा में आने का कारण उसकी कार्यक्षमता नही है, अपितु भ्रष्टाचार की ‘कलाकारी’ है। उसके पास से अब तक करोड़ों के आभूषण और नकदी प्राप्त की जा चुकी है। पर प्रश्न किसी को पकड़ लेना या चोर केे रूप में आरोपित करने […]
गतांक से आगे……… यहां हम थोड़ा सा उसका इतिहास देकर उसके विषय प्रतिपादन की ओर आना चाहते हैं। तिलक महोदय ने ‘ओरायन मृगशीर्ष’ ग्रंथ लिखने के पांच वर्ष बाद सन 1898 में उत्तरधु्रव निवास लिखा और उसका सारांश एक पत्र द्वारा मैक्समूलर के पास भेजा। पत्र के उत्तर में मैक्समूलर ने लिखा कि कितने ही […]
शिकारी एक हिरण का पीछा कर रहा था। दौड़ता हुआ हिरण अचानक रूका और एक लता के पीछे छिप गया। शिकारी उसे ढूंढ़ता हुआ आगे निकल गया। हरी भरी लता को देखकर हिरण के मुंह में पानी आ गया और उसने लता को खाना आरंभ कर दिया। थोड़ी ही देर में उसने लता का काफी […]
गतांक से आगे…. हमको, आपको, तिलक महाराज को और अन्य किसी को भी क्या अधिकार है किवह इन समयों को पहिली ही आवृत्ति का समझे? अर्थात वह यह क्यों समझ ले कि यह अवस्था केवल अभी हाल ही की आवृत्ति की है? हम ऊपर लिख चुके हैं, कि किसी जमाने में वसंतसंपात फाल्गुनी पूर्णिमा के […]
शिवसेना और ‘खिसियायी बिल्ली’
महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया था कि महाराष्ट्र की जनता ने अपना जनादेश शिवसेना के विरूद्घ दिया था। वहां की जनता परिवर्तन चाहती थी और मोदी के व्यक्तित्व से प्रभावित थी। शिवसेना के उद्घव ठाकरे का प्रयास प्रारंभ से ही ये रहा कि महाराष्ट्र में चल रही परिवर्तन की लहर को […]
श्रमदान की भावना को जगाते मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। हमारे देश में रेलवे कोच से बस तक और रेलवे स्टेशनों से लेकर गांव की चौपाल तक हर सार्वजनिक स्थल पर गंदगी फेेलाना लोगों ने अपना मौलिक अधिकार मान लिया है। जिससे सार्वजनिक स्थलों के विषय में मान्यता भी कुछ ऐसी बन गयी […]