नींद में सपना देखा तो अच्छा लगा। नींद टूटने पर दुख हुआ । क्योंकि जागने पर जो देखा वह स्वप्न से अलग था। नाशवान प्रकृति के नाशवान दृश्यों में मन रम गया । तो मृगतृष्णा का शिकार हो गया। दूर-दूर तक भागने लगा । हताश निराश होकर अंत में मौत की गोद में समा गया। […]
संसार की उलझन से कैसे पार हो