देश में फॉर्मूला-वन रेस का आयोजन पूर्ण हो गया है। आयोजन में नं. वन और ईनाम पाने में पीछे रहने वाले भारत ने सब कुछ शांतिपूर्ण संपन्न होने पर संतोष की सांस ली है। नि:संदेह इस प्रकार के आयोजन हमें दुनिया से जोड़ते हैं और हमें विदेशों के साथ बेहतर सोच कायम करने का अच्छा […]
Category: विशेष संपादकीय
यदि हजार केजरीवाल पैदा हुए तो…
देश के कानून मंत्री सलमान खुर्शीद यानि उस सीट पर बैठने वाला शख्स जिस पर देश के संविधान के बनाने में और कानून के शासन की स्थापना कराने में महत्वपूर्ण योगदान करने वाले बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर कभी बैठा करते थे। बाबा साहेब ने सपने में भी नही सोचा होगा कि कभी इस सीट पर […]
उत्तर प्रदेश की कमान संभाले हुए अखिलेश यादव को अब सात माह से अधिक का समय हो गया है। वह एक युवा हैं और युवा होने के नाते प्रदेश की जनता को विशेष अपेक्षाएं उनसे हैं। युवा बीते हुए कल से कम बंधा होता है, वह आने वाले कल के सुनहरे सपने बुनता है इसलिए […]
…सारे तीर्थों से उत्तम तीर्थ
आजकल के युग को विज्ञान का युग कहा जाता है लेकिन विज्ञान के इस आज के वैज्ञानिक युग को बहुत ही संकीर्ण अर्थों व संदर्भों में लिया जाता है। भारतीय वांग्मय में विज्ञान का अर्थ विशेष ज्ञान से लिया जाता रहा है। यह विशेष ज्ञान जब प्रकृति के विषय में होता है, या प्राप्त किया […]
भाजपा को आडवाणी की सीख
हरियाणा की धरती परिवर्तन की प्रतीक रही है। धर्मक्षेत्र कुरूक्षेत्र तो इस बात की साक्षी देता ही है साथ ही पानीपत का वह मैदान भी यहीं पर है जिसमें बाबर और इब्राहीम लोदी के मध्य 1526 में जंग हुई थी। इसी जंग ने सवा तीन सौ साल पुरानी दिल्ली सल्तनत को उखाड़ कर सवा तीन […]
भारत का विपक्ष स्थिति को समझे
कोयला घोटाले की आंच से तप रही यूपीए सरकार के लिए संकट गहराता जा रहा है, लेकिन अब ये संकट कुछ विस्तार पाता जान पड़ रहा है। सीबीआई सन 1993 से हुए कोल ब्लॉक आवंटन की जांच करेगी। इससे स्पष्ट है कि एनडीए सरकार के छह सालों के दौरान हुए कोल ब्लॉक आवंटन की जांच […]
कसाब की फांसी और सरकार की नीतियां
भारत की एकता और अखण्डता को मिटाने के लिए तथा यहां की आंतरिक शांति में विघ्न डालने की नीयत से 26 नवंबर 2008 को पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भारत की आर्थिक राजधानी के रूप में प्रतिष्ठित मुंबई पर आतंकी हमला कराया था। इस हमले में पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अजमल कसाब और कुछ अन्य सहयोगियों का […]
आदमी को मार रहा है आदमी
मैं इलाहाबाद से लौट रहा था। टे्रन में मेरे साथ एक सज्जन पड़ोस की सीट पर बैठे थे। वह रिटायर्ड सरकारी अधिकारी थे, मेरी उनसे बातें होने लगीं। बातों का सिलसिला बढ़ा और देश की ज्वलंत समस्या भ्रष्टाचार पर केन्द्रित हो गया। वो सज्जन ऊपरी तौर पर भ्रष्टाचार की समाप्ति के लिए देश में चल […]
1947 में देश विभाजन के समय पाकिस्तान में 22 प्रतिशत हिंदू थे, जो आज घटकर मात्र 5 प्रतिशत रह गये हैं। पूरा देश पाकिस्तान के हिंदुओं के प्रति गलत रवैये को लेकर और उन पर हो रहे अत्याचारों को लेकर परेशानी महसूस कर रहा था। पहली बार देश की संसद में अधिकांश राजनीतिक दलों ने […]
स्वतंत्रता दिवस और बिकाऊ लोकतंत्र
देश अपनी स्वतंत्रता की 65वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर हमारी शान और आन बान का प्रतीक तिरंगा बड़ी शान से लहराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब तक के सर्वाधिक निराशाजनक परिवेश में लगातार नौवीं बार ध्वजारोहण कर राष्ट्र को संबोधित करेंगे। यह पहली बार है कि जब देश के लोगों […]