Categories
विशेष संपादकीय वैदिक संपत्ति

मनुष्य का आदिम ज्ञान और भाषा-20

गतांक से आगे….. राजा अम्बरीष हम ऊपर लिख आए हैं कि अम्बरीष का वर्णन सहदेव के साथ आया है और वहां इसका अर्थ आमड़ा वृक्ष ही होता है। दूसरी जगह अमरकोष में अम्बरीष भड़भूंजे के भाड़ को भी कहते हैं। इससे अम्बरीष राजा सिद्घ नही होता। राजा त्रिशंकु यह राजा भी सूर्यवंश का है। इसके […]

Categories
विशेष संपादकीय

खण्डित जनादेश को बांध गये मोदी

भारत के लोकतंत्र को बिकाऊ घोड़ों की मण्डी बनाने वालों और यहां आम चुनावों में मिलने वाले जनादेश की मनमानी व्याख्या करके सिरों की गिनती के आधार पर लोकतंत्र के साथ ‘क्रूर उपहास’ करने वाले लोगों के लिए वास्तव में ही सोचने का समय है। 16वीं लोकसभा में देश के मतदाताओं ने जिस परिपक्वता के […]

Categories
विशेष संपादकीय वैदिक संपत्ति

मनुष्य का आदिम ज्ञान और भाषा-19

गतांक से आगे….. कानपुर में हमारे मित्र पं. बेनीमाधवजी प्रसिद्घ पंडित हैं। आपके चार पुत्र थे, चारों के नाम आपने राम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न रक्खे थे, जिनमें राम और लक्ष्मण अब तक चिरंजीव हैं। प्रयाग जिले के बघेला ताल्लुकेदार कुंवर भरत सिंह जी यूपी में सैशन जज थे। वे चार भाई थे। चारों के […]

Categories
विशेष संपादकीय

मोदी और पाकिस्तान की स्थिति

हर देश की शासकीय नीतियां कुछ इस प्रकार बनायी जाती हैं कि उनसे उसका पड़ोसी देश उस पर हावी न होने पाए और वह अपने देश की सीमाओं के भीतर पूरी तरह शांति-व्यवस्था बनाये रखकर विकास की राह पर चलता रहे। पर पाकिस्तान की नीतियां इनसे इतर रही हैं। उसे अपने देश की नीतियों का […]

Categories
विशेष संपादकीय वैदिक संपत्ति

मनुष्य का आदिम ज्ञान और भाषा

गतांक से आगे…..सोमक साहदेव्यइसी प्रकार का दूसरा अलंकार ऋग्वेद 4-15 में आए हुए सोमक: साहदेव्य: के विषय का है। जिस पर यहां थोड़ा सा प्रकाश डालने की आवश्यकता है। रायबहादुर चिंतामणि विनायक वैद्य एम.एम. लिखते हैं कि ये सोमक सहदेव महाभारत कालीन व्यक्ति हैं।महाभारत मीमांसा पृष्ठ 107 पर वैद्य जिन सहदेव सोमक का जिक्र करते […]

Categories
विशेष संपादकीय

ज्योति से ज्योति जगाते चलो

चढ़ते सूर्य को नमस्कार करने की भारतीय परंपरा बहुत प्राचीन है, वैज्ञानिक है। सूर्य आकाश में चढ़कर ही ढंग से प्रकाश फेेलाता है। इसलिए इस साधना के पीछे साधक की भावना है कि मैं भी ऊंचा चढ़कर संसार में अज्ञानांधकार को मिटाने के लिए प्रकाश फेेलाने वाला बनूं। इसलिए वेद ने कहा-उद्यानं ते पुरूष नावयानम्। […]

Categories
विशेष संपादकीय

बंद मुट्ठी लाख की…

तीन व्यक्ति जा रहे थे। उन तीनों की मुठ्ठियां बंद थीं और वे आपस में बिना बात किये चुप अपने गंतव्य की ओर बढ़े जा रहे थे। एक व्यक्ति ने दूर से उन्हें अपनी ओर मौनावस्था में आते देखा। वह व्यक्ति उन तीनों के अपने निकट आने पर उनकी बंद मुट्ठी देखकर उनके प्रति और […]

Categories
विशेष संपादकीय वैदिक संपत्ति

मनुष्य का आदिम ज्ञान और भाषा-17

गतांक से आगे…..‘उदय अगस्त पंथजल सोखा’ यह तुलसीदास ने भी लिखा है। संभव है नहुष आकाशस्थ पदार्थों में से बादल ही हो। क्योंकि ऋग्वेद 10/49/8 में वह सप्ताहा-सात किरणों का मारने वाला कहा गया है। जो बादल के सिवा और कुछ नही हो सकता। महाभारत की कथा के अनुसार नहुष ने इंद्र का पद पाया […]

Categories
विशेष संपादकीय

हमारी जिन्दादिली और हमारा लोकतंत्र

दिल के टूटने पर भी हंसना,शायद जिंदादिली इसी को कहते हैं।ठोकर लगाने पर भी मंजिल तक भटकना,शायद तलाश इसी को कहते हैं।किसी को चाहकर भी न पाना,शायद चाहत इसी को कहते हैं।टूटे खंडहर में बिना तेल के दीया जलाना,शायद उम्मीद इसी को कहते हैं।गिर जाने पर भी फिर से खड़ा होना,और ये उम्मीद, हिम्मत, चाहत […]

Categories
विशेष संपादकीय वैदिक संपत्ति

मनुष्य का आदिम ज्ञान और भाषा-16

गतांक से आगे…..इन किसानों के पशु क्या हैं? सो भी देखिए-एह यन्तु पशवो से परेयुर्वायुर्येषां सहचारं जुजोष।त्वष्टा येषां रूपघेयानि वेदास्मिन तान गोष्ठे सविता नि यच्छतु ।।अर्थात जिन पशुओं का सहचारी वायु है, त्वष्टा जिनके नामरूप जानता है और जो बहुत दूर है, उनको सविता सूर्य गोष्ठ में पहुंचावे।वैदिक जानते हैं कि सूर्यकिरणों को गौ और […]

Exit mobile version
kolaybet giriş
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
kolaybet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark güncel giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
vdcasino