भारत का वैदिक ज्ञान हीं है ज्ञान विज्ञान की जननी संकलन अश्विनी कुमार तिवारी न्यूटन के आगे सेब गिरा फिर उनके लिये सब यूरेका यूरेका हो गया। ऐसे ही एक बार महर्षि कणाद (लगभग छठी सदी ईसापूर्व) किसी फल को ले कर कुछ सोचते-विचारते जंगल में भटक रहे थे। गंभीर चिंतन में थे इसलिये नाखून […]