राजनीति का घिनौना स्वरूप हमें एक बार फिर ‘व्यापमं घोटाले’ के माध्यम से देखने को मिल रहा है। अपनी गौरवमयी ऐतिहासिक धरोहर और परंपरा के लिए प्रसिद्घ मध्य प्रदेश का नेतृत्व इस समय शिवराज सिंह नामक एक ‘चौहान’ के हाथों में है। पर यह अत्यंत दु:खद तथ्य है कि इस मुख्यमंत्री के रहते ‘व्यापमं घोटाले’ […]
Category: डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से
देश की वास्तविकता को बयान करती तस्वीर हमारे सामने आई है। मोदी सरकार ने सामाजिक आर्थिक जनगणना के आंकड़े पेश किये हैं, इससे स्पष्ट हुआ है कि भारत की जनसंख्या का 75 प्रतिशत भाग अभी तक ऐसा है जो पांच हजार रूपये तक की मासिक आय से ही गुजारा कर रहा है। ऐसे लोगों की […]
संघ की अवधारणा
भारतीय संविधान भारत को संघ मानता और घोषित करता है। भारतीय संविधान की इस मान्यता और घोषणा का आधार ‘क्रिप्स-मिशन’ बना। क्रिप्स मिशन वेफ प्रस्तावों में भारत को संघ बनाने और उसका विभाजन करने के बीच समझौता कराने का प्रयत्न किया गया। ऊपरी तौर पर क्रिप्स मिशन के प्रस्तावों में मुसलमानों की अलग संविधान सभा […]
जो लोग सुनने से पहले अपना निर्णय सुनाने के अभ्यासी होते हैं, वे अच्छे न्यायाधीश और अच्छे वात्र्ताकार नही हो सकते। अच्छा न्यायाधीश और वात्र्ताकार बनने के लिए आपके भीतर दूसरे को सुनने का असीम धैर्य होना चाहिए। सुनवाई का अवसर न्यायालयों में हर पक्षकार को इसीलिए दिया जाता है कि किसी भी पक्षकार को […]
एक समय था जब राजनीतिक लोगों की झलक पाने के लिए लोग आतुर रहा करते थे। बड़ी मुश्किल से लोगों की अपने नेताओं और जनप्रतिनिधियों से नजदीकियां विकसित हो पाती थीं। नेता के लिए सब अपने होते थे और कोई अपना नही होता था। इसलिए नेता सबके प्रति समानता का भाव बरतते थे, वह अपने […]
भाजपा जब अस्तित्व में आयी थी तो इसने ‘पार्टी विद डिफरेंस’ का नारा दिया था। उसका अभिप्राय लोगों ने यह लगाया था कि यह पार्टी अन्य पार्टियों की राह को न पकडक़र राजनीति में अपना रास्ता अपने आप बनाएगी और वह रास्ता ऐसा होगा जो अन्य पार्टियों के लिए और इस देश की भविष्य की […]
भाजपा जब अस्तित्व में आयी थी तो इसने ‘पार्टी विद डिफरेंस’ का नारा दिया था। उसका अभिप्राय लोगों ने यह लगाया था कि यह पार्टी अन्य पार्टियों की राह को न पकडक़र राजनीति में अपना रास्ता अपने आप बनाएगी और वह रास्ता ऐसा होगा जो अन्य पार्टियों के लिए और इस देश की भविष्य की […]
जब तक एक मत अर्थात हम सब राष्ट्रवासी एक सी मति वाले और विचार वाले न हो जाएं, तब तक हमारी गति की दिशा सही नही होगी। एक जैसी मति ही सही गति का निर्धारण करती है। इसीलिए महर्षि दयानंद का विचार था कि जब तक एक मत, एक हानि-लाभ एक सुख दुख परस्पर न […]
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्कूलों के पाठ्यक्रम में 25 फीसदी हिस्सा योग, संगीत और खेल के लिए नियत किया है। इस एक निर्णय के दूरगामी परिणाम आएंगे। हमारे बच्चों को स्कूलों से ही अपने देश और संस्कृति के विषय में सीखने समझने को तो कुछ मिलेगा […]
देश में आपातकाल लागू करने की घटना के चालीस वर्ष पूरे हो रहे हैं। 25 जून 1975 की रात्रि से देश में पहली बार आपातकाल लागू किया गया था। उस समय देश को स्वतंत्र हुए तीन दशक भी नही बीते थे कि अचानक लोगों की छाती पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वज्रपात करते हुए […]