Categories
डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से

मोदी जी! बचके रहना रे बाबा….

modiजो लोग सुनने से पहले अपना निर्णय सुनाने के अभ्यासी होते हैं, वे अच्छे न्यायाधीश और अच्छे वात्र्ताकार नही हो सकते। अच्छा न्यायाधीश और वात्र्ताकार बनने के लिए आपके भीतर दूसरे को सुनने का असीम धैर्य होना चाहिए। सुनवाई का अवसर न्यायालयों में हर पक्षकार को इसीलिए दिया जाता है कि किसी भी पक्षकार को यह कहने का अवसर नही मिले कि उसकी पीड़ा को सुना ही नही गया है।

यह दुनिया धोखों का घर है, छलियों के स्वांग यहां कदम-कदम पर हो रहे हैं। षडयंत्रों का जाल इतना गहरा है कि उसके तारों को गिनना भी संभव नही है। एक आदमी के भीतर अनेकों आदमी छिपे होते हैं, वह कौन से आदमी के चेहरे का मुखौटा लगाकर आपसे बात कर रहा है, कई बार तो यह उसे स्वयं को भी पता नही होता।

ललित मोदी नाम के एक ‘मोदी’ ने मोदी की सरकार के लिए संकट खड़ा कर दिया है। एक व्यक्ति ने देश से बहुत दूर बैठकर देश की राजनीति में तूफान ला दिया है। प्रधानमंत्री मोदी शांत हैं। उनका मौन भी कुछ बोल रहा है। क्योंकि उनके मौन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ‘असहाय’ मौन से विपरीत कुछ ‘तेज’ है। कुछ गंभीरता है और कुछ शब्द हैं। इन सभी को समझने की आवश्यकता है।

देश की जनता जानती है कि इस देश में लोगों ने ‘बोफोर्स’ नाम का एक भूत खड़ा करके एक सज्जन प्रधानमंत्री राजीव गांधी को सत्ताच्युत कर दिया था, बाद में जब तक लोगों के सामने ‘सच’ आया तब तक तो इतिहास की गंगा कई मोड़ों को पार कर चुकी थी। इस प्रकार के षडयंत्रों की राजनीति में सदा गुंजाइश रहती है। क्योंकि राजनीति में एक झूठा परिवार (पार्टी) बनाया जाता है, जिसमें कोई किसी का नही होता और सब सबके होते हैं। इन झूठे परिवारों में सबकी नजर कुर्सी पर रहती है इसलिए कुर्सी वाले की चरणवंदना करके भी उसे चलता करने की सब कोशिश करते हैं। इसके लिए कोई अच्छे रास्ते नही अपनाता। अधिकांश अनुचित रास्तों और उपायों से आगे बढऩे का प्रयास करते हैं। नेता बड़ी सावधानी से अपनों की चाल-ढाल देखता है। थोड़ी सी चाल बिगड़ते ही नेता समझ जाता है कि आने वाले के मन में खोट है।

ललित मोदी को पी.एम. मोदी सूक्ष्मता से देख रहे हैं कि उसके भीतर कितने आदमी हैं और उसके बाहर कितने आदमी हैं। वह कितने आदमियों से एक साथ खेल रहा है और कितने आदमी उससे एक साथ खेल रहे हैं। साथ ही वसुंधरा और सुषमा स्वराज इस सारे प्रकरण में कितनी दोषी हैं, और उनको बदनाम करने में कितना सच और कितना झूठ है?

सारा देश प्रधानमंत्री की ओर देख रहा है। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी जहां आज हैं वहां अपने पूर्ववर्ती के ‘न बोलने की बीमारी’ का लाभ लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने मनमोहन सिंह को उनके न बोलने के कारण सर्वथा लुंज पुंज, स्वाभिमान शून्य और निर्णय लेने में सर्वथा अयोग्य सिद्घ कर दिया था। अब यदि वह स्वयं भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं तो देश के लोगों का कौतूहल बढऩा स्वाभाविक है।

पिछले एक वर्ष में देश में ‘मोदी फोबिया’ चलता रहा है। उनके चुम्बकीय व्यक्तित्व ने देश में जैसा उत्साह भरा है, उससे उनके विरोधियों की नींद हराम हो चुकी है। उनके लिए देश में ही नही विदेशों में भी विरोधियों की संख्या बढ़ी है। भारत के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों की अपेक्षा मोदी बड़ी शीघ्रता से ‘विश्व नेता’ बनकर उभरे हैं। ऐसे में उनके लिए रास्ते में कांटे डालने वालों की संख्या कितनी हो सकती है यह सहज की अनुमान लगाया जा सकता है। यह मोदी जैसा ‘56 इंची सीने वाला’ व्यक्ति ही कर सकता है कि वह अपने मार्ग के कांटे स्वयं साफ करे और अपना मार्ग प्रशस्त करते हुए स्वयं को योग्य पुरूष से योग पुरूष और युग पुरूष तक ले जाए।

निश्चित रूप से मोदी एक बड़ी साधना कर रहे हैं, उनकी साधना का कोई सानी नही। पर यदि वह साधना ही करते रह गये है तो गलत हो जाएगा। यदि वसुंधरा और सुषमा के आचरण में कहीं-दोष झलके और मोदी सही निष्कर्ष पर पहुंच जाएं तो उन्हें इन दोनों के विरूद्घ निर्णय लेने में भी देर नही करनी चाहिए। मोदी के विषय में यह सत्य है कि वह भाजपा की वजह से नही है, अपितु आज तो भाजपा उनकी वजह से है। इसलिए किसी भी अग्निपरीक्षा से उन्हें गुजरने में कोई संकोच नही होना चाहिए। ‘डिजिटल इंडिया’ कार्यक्रम का शुभारंभ मोदी कर चुके हैं वह ‘स्किल्ड इंडिया’ के भी पैरोकार हैं। सारा देश उनके कार्यक्रमों को सिर आंखों पर ले रहा है। पर उन्हें ‘मॉरल इंडिया’ की ओर भी देखना होगा। मोदी को ‘मोदी’ ही कहीं ‘करप्ट इंडिया’ का बादशाह ना बना दे। इसलिए ‘मोदी जी! बचके रहना रे बाबा तुझ पे नजर है….’ इस गीत को गाते रहो और हर कदम के नीचे देख लो कि कहीं जमीन पोली तो नही है। ईश्वर आपका मित्र है।

Comment:Cancel reply

Exit mobile version
betpark giriş
betgaranti giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
holiganbet güncel giriş
holiganbet güncel
holiganbet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
klasbahis giriş
klasbahis giriş
holiganbet güncel
imajbet güncel
holiganbet güncel giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
betpark giriş
casinolevant giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betyap güncel
betpark giriş
betpark giriş
betyap giriş
betpark giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
matbet giriş
matbet giriş
betpuan giriş
betpuan giriş
matbet giriş
matbet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
holiganbet giriş
betgaranti mobil giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betwoon giriş
betwoon giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
betwoon giriş
betwoon giriş
sahabet giriş
sahabet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
maxwin giriş
maxwin giriş
marsbahis giriş
marsbahis giriş
imajbet giriş
imajbet giriş
grandpashabet giriş
grandpashabet giriş
bettilt giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
betpark giriş
bettilt giriş
sahabet giriş
sahabet giriş