अरविंद केजरीवाल ने जब से दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है, तब से ही वह किसी न किसी प्रकार के विवादों में रहे हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से उन्होंने ‘जंग’ छेड़ी जो अब भी जारी है। इसी प्रकार उन्होंने दिल्ली पुलिस से भी दो-दो हाथ करने चाहे। वह जो कुछ भी करते […]
Category: डॉ राकेश कुमार आर्य की लेखनी से
1947 से पूर्व भारत जब अपना स्वतंत्रता संग्राम लड़ रहा था, तब चीन की जनता का नैतिक समर्थन भारत के साथ था। उसे भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के साथ सहानुभूति थी। 1949 में जब चीन में कम्युनिस्ट क्रांति हुई तो भारत ने भी उस क्रांति का स्वागत किया था। सोवियत रूस और उसके सहयोगी देशों […]
दादरी फिर चर्चा में है। मीडिया ने मीडिया धर्म निभाया और दादरी को अखबारों की सुर्खियों में ला दिया है। मीडिया और नेताओं ने दादरी का ‘दर्द भरा सच’ समझने का प्रयास नही किया। अपनी-अपनी व्याख्याएं, अपने-अपने तर्क और अपने-अपने बयान दिये जा रहे हैं। गौतमबुद्घ नगर से भाजपा सांसद और केन्द्रीय मंत्री डा. महेश […]
चाहे ब्रिटिश सत्ताधीशों ने भारत के विक्षोभ और विद्रोह की हवा निकालने के लिए कांग्रेस जैसा संगठन भी खड़ा कर लिया था, परंतु भारतीयों का विक्षोभ और विद्रोह था कि शांत होने का नाम नही लेता था। अपने महान क्रांतिकारियों के महान कृत्यों का अवलोकन करने से और उनके विषय में पढऩे से ही स्पष्ट […]
भारत के संविधान के विषय में जीआईसी हरदोई में कौमी एकता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यह उचित ही कहा है कि भारतवासियों के लिए अपना संविधान ही एक धार्मिक पुस्तक है। वस्तुत: उपराष्ट्रपति के इस कथन में भारत की आत्मा के दर्शन होते हैं। भारत का मूल संविधान (जिसे विश्व […]
जब 15 अगस्त 1947 को देश स्वतंत्र हुआ तो बड़ी अजीब स्थिति उस समय इस देश की थी। कहने के लिए तो भारत ने उस समय लोकतंत्र का स्वरूप ग्रहण कर लिया था और देश की सत्ता की बागडोर पं. नेहरू ने संभाल ली थी। परंतु अभी कई समस्याएं ऐसी थीं जिन पर पार पाना […]
छोटी-छोटी बातों पर भयंकर विवादों को जन्म देना आजकल की एक सामान्य सी बात होकर रह गयी है। अभी जनपद गौतमबुद्घ नगर के बिसाहड़ा गांव में कथित रूप से गाय काटने की घटना हुई है, जिस पर भारी जन आक्रोश का सामना शासन प्रशासन को झेलना पड़ रहा है। इसी प्रकार खुर्जा में भी एक […]
देश इस समय 1965 के भारत-पाक युद्घ की 50वीं वर्षगांठ मना रहा है। स्पष्ट है कि 1965 का जिक्र आये तो तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का पावन स्मरण भी लोगों को अवश्य ही आता है। यह वह व्यक्तित्व था जिसने 1962 के युद्घ में लज्जास्पद ढंग से पिटे एक राष्ट्र के ऊपर मात्र तीन […]
आज का काम आज जिस काम की आज आवश्यकता है, या जिस कार्य को आज ही पूर्ण हो जाना चाहिए-उसके लिए हमारा प्रयास होना चाहिए कि वह आज ही पूर्ण हो जाना चाहिए। आज के कार्य को कल के भरोसे छोडऩा उचित नही, क्योंकि कल को जब सूर्यदेव आकर नमस्कार करेंगे तो उनके साथ ही […]
जीवन में उन्नति के लिए एकाग्रता बहुत ही आवश्यक है। किसी भी कार्य करने के लिए मन की संकल्प शक्ति की तो आवश्यकता होती ही है मन की एकाग्रता की भी उतनी ही आवश्यकता होती है। मन की संकल्प शक्ति को भी मन की एकाग्रता ही बलवती करती है। इसे इस प्रकार समझाया जा सकता […]