इतिहास और विदेश नीति का चोली – दामन का साथ है । किसी भी देश के पड़ोसी देशों से उसका पुराना सम्बन्ध होना स्वभाविक है। जहाँ तक भारत की विदेश नीति और इतिहास की बात है तो भारत के लगभग सभी पड़ोसी देश कभी न कभी भारत के ही अंग रहे हैं । इस दृष्टिकोण […]
इतिहास और विदेश नीति का चोली – दामन का साथ है । किसी भी देश के पड़ोसी देशों से उसका पुराना सम्बन्ध होना स्वभाविक है। जहाँ तक भारत की विदेश नीति और इतिहास की बात है तो भारत के लगभग सभी पड़ोसी देश कभी न कभी भारत के ही अंग रहे हैं । इस दृष्टिकोण […]
अनीष व्यास जो बिडेन 20 नवंबर 1942 को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर पेंसिल्वेनिया में पैदा हुए हैं। कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि सितंबर 2006 से सितंबर 2022 के बीच अनुकूल बृहस्पति महादशा से गुजर रहे हैं। वे 2009 में बृहस्पति महादशा से उपराष्ट्रपति के तौर पर सत्ता में आए। अमेरिका में […]
‘Who After Nehru’ यानी, ‘नेहरू के बाद कौन?’ मई 27, 1964 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अखबारों के पहले पन्नों पर यही प्रमुख शीर्षक था। 1964 में जवाहर लाल नेहरू की मृत्यु के बाद लाल बहादुर शास्त्री ने भारत के प्रधानमंत्री का पद संभाला। जिस तरह […]
डॉ वेदप्रताप वैदिक महिंदा राजपक्षे के बड़े भाई और राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे पहले से ही कह चुके हैं कि हमारी सरकार ‘‘विकेंद्रीकरण की बजाय विकास’’ पर ध्यान देगी। सत्तारुढ़ सिंहल-पार्टी की यह मजबूरी है, क्योंकि श्रीलंका के सवा दो करोड़ लोगों में 75 प्रतिशत सिंहली हैं। श्रीलंका और भारत के संबंधों में पिछले कुछ वर्षों […]
डॉ. वेदप्रताप वैदिक असली सवाल यह है कि क्या पाकिस्तान के नेता लोग फौज से लड़ पाएंगे ? ज्यादा से ज्यादा यह हो सकता है कि फौज थोड़ी पीछे खिसक जाए। सामने दिखना बंद कर दे, जैसा कि 1971 के बाद हुआ था या जैसा कि कुछ हद तक आजकल चल रहा है। पाकिस्तान में […]
नेपाल चीन के इशारों पर जिस प्रकार भारत के लिए परेशानियां पैदा कर रहा है उससे वह बाज आने को तैयार नहीं है। हालांकि नेपाल की ओली सरकार की इस प्रकार की हरकतों का देश के लोगों और सेना में भी विरोध है , परंतु इन सबकी अनदेखी करते हुए ओली सरकार चीन के इशारों […]
पिछले 4 वर्षों के दौरान डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के पर्यावरण संबंधी कई समझौतों से अलग होने के बावजूद अमेरिका इससे होने वाले नुकसान की सफलतापूर्वक भरपाई करने में कामयाब रहा है। ऐसा होने से अमेरिका के लिए वर्ष 2050 तक शून्य शुद्ध उत्सर्जन वाला देश बनने की संभावनाएं जिंदा हैं, बशर्ते वर्ष 2021 में जलवायु […]
बीबीसी के नए डायरेक्टर जनरल का ऐलान बीबीसी के नए डायरेक्टर जनरल टिम डैवी ब्रिटिश ब्राडकास्टिंग कंपनी (बीबीसी) के नए डायरेक्टर जनरल टिम डैवी मशहूर वामपंथी नेटवर्क की ज़िम्मेदारी सँभालने के लिए तैयार हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने विचारधारा प्रेरित कर्मचारियों से भी साफ़ कह दिया है कि या तो वह अपना नज़रिया बदल लें […]
ललित गर्ग दुनिया की अर्थव्यवस्था पहले ही कोरोना महामारी की चपेट में है। ऐसी सूरत में किसी युद्ध की संभावना मात्र से ही सिहरन होती है, युद्ध की ओर ले जाने वाली कोई भी हरकत पूरी मानवता के प्रति एक गंभीर अपराध है। मगर चीन ने कब इसकी परवाह की? एक बार फिर धोखेबाज चीन […]
विमलेश बंसल ‘आर्या’ चीन ने तिब्बत को अपने आप नहीं हड़पा था बल्कि तिब्बत ने ही चीन को अपनी मदद के लिए बुलाया था । बाद में उसके लिए चीन का अपनी सरजमीं पर आना महंगा पड़ा । यही बात आज नेपाल को भी समझ लेनी चाहिए । वह भी भारत के तथाकथित भय के […]