वेदो में रात्रि का वर्णन: मेरे द्वारा काव्य मय प्रस्तुति हे पुरुत्रा रात्रि ! तुम्हारा पालन,पूरण व त्राण रुप निसंदेह स्तुत्य है नक्षत्ररुप नेत्रो से देखती हमें जैसे एक माता अपने बच्चों का ध्यान रखती है हमारे थके हुऐ शरीर को सुबह सोकर उठने पर तरोताजा अनुभव जो कराती है। हे अमर्त्या रात्रि ! तुम्हारा […]