रचना : स्व0 श्री रामस्वरूप आजाद (शिष्य स्वामी भीष्म जी) भारतवर्ष बगीचे के अब ना रहे माली।। ज्योतिष और व्याकरण गणित की खो दई ताली।। ऋषि मुनि इस भूमण्डल को तक पर तोल गए। म्हारे पुरखा पृथ्वी और अम्बर में डोल गए।। हर वस्तु की शक्ति को वेदों में खोल गए। सारी दुनिया से मुंह […]
भारतवर्ष बगीचा