ईस्टर्न पेरिफेरल से बंबावड़ न्याय पंचायत में उतार बनाने की मांग ने पकड़ा जोर दादरी। विशेष संवाददाता यहां एक गांव बंबावड़ की न्याय पंचायत के गांवों के लोगों ने पिछले 1 वर्ष से अपनी मांग रखते हुए केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को कई बार अवगत कराया है कि यहां पर ईस्टर्न पेरिफेरल से […]
Month: September 2021
#डॉविवेकआर्य (दैनिक जागरण समाचार पत्र दिनांक 11 सितम्बर 2021, दिल्ली संस्करण में ‘दुनिया की दृष्टि बदलने वाले विवेकानंद ‘ शीर्षक के अंतर्गत प्राच्यविद्या के आचार्य डॉ. विनोद कुमार तिवारी का लेख प्रकाशित हुआ। इस लेख में लेखक ने पश्चिमी लेखक मैक्समूलर को प्राचीन ऋषि लिखा है। मैक्समूलर के कार्यों को वैदिक ज्ञान की दिग्विजय यात्रा […]
पिता सृष्टि का उतना ही पवित्र शब्द है जितना माता। क्योंकि हमारे जीवन निर्माण में जितना माता का योगदान होता है उतना ही पिता का भी योगदान होता है। जो लोग पिता के योगदान को कम करके आते हैं , वे हमारे इन दोनों नैसर्गिक संरक्षकों और पालकों के साथ न्याय नहीं कर पाते। माना […]
✍🏻 लेखक – प्रो० भवानीलाल भारतीय (दैनिक जागरण समाचार पत्र दिनांक 11 सितम्बर 2021, दिल्ली संस्करण में ‘दुनिया की दृष्टि बदलने वाले विवेकानंद ‘ शीर्षक के अंतर्गत प्राच्यविद्या के आचार्य डॉ. विनोद कुमार तिवारी का लेख प्रकाशित हुआ। इस लेख में लेखक ने पश्चिमी लेखक मैक्समूलर को प्राचीन ऋषि लिखा है। मैक्समूलर के कार्यों को […]
गाजियाबाद,रविवार 12 सितम्बर 2021,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “पंच कोष पंच प्राण” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल में 279 वां वेबिनार था । मुख्य वक्ता डॉ. सुषमा आर्या आयुर्वेदाचार्य ने पंचकोष पंच प्राण विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारे शरीर के अंदर 7 अव्यव हैं स्थूल […]
जब नाम रहेगा अल्लाह का…..
११ सितम्बर २००१ को जब दहल उठा था अमेरिका और विश्व इस्लामी आतंक से,पर आज लड़ रहा है “ग्लोबल हिंदुत्व से”- जब अमेरिका व पूरा का पूरा विश्व दहल गया था,दो हवाई जहाज जाकर टकरा गए थे वर्ल्ड ट्रेड टावर पर और देखते ही देखते,तीन हज़ार लोग समा गए थे असमय काल के मुख में।उनका […]
संजय पंकज देश हमारा हमको प्यारा इस पर अर्पित जीवन सारा पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण एक लगाया हमने नारा देश हमारा, देश हमारा! अपने नारे फरियाद हुए इसके बल पर आजाद हुए कोटि-कोटि कंठों से उमड़े जन-गण-मन जिंदाबाद हुए पुरखों ने जो दिया सहारा उसके बलपर कभी न हारा देश हमारा, देश हमारा! नानक तुलसी […]
* संजय पंकज अंगड़ाई लेकर पंखुड़ियों की मरमराहट से मुक्त होती हुई कली जैसे ही खिलखिला कर खिली कि उतर आए गरमाहट लिए गुनगुन करते भंवरे। तो क्या कली ने भंवरे को अपने चितवन से चकित करते हुए आमंत्रित किया ! या फिर रस के लोभी भंवरे अपनी टोह लगाती, खोज करती भटकन में ऐसे […]
वैदिक संपत्ति : सम्प्रदाय प्रवर्तन
गीता और उपनिषदों में मिश्रण गतांक से आगे… इसी तरह की बात छान्दोग्य 8/ 13/1 में लिखी है कि ‘चन्द्र इव राहोर्मुखात् प्रमुच्य’अर्थात् जैसे चन्द्रमा राहु के मुख से छूट जाता है।यह दृष्टांत भी उन्हीं गैवारू बातों की चरितार्थ करता है,जो चन्द्रग्रहण के विषय में प्रचलित है। अर्थात् चन्द्रमा को राहु खा जाता है और […]
विश्व सभ्यताओं का जनक :भारत (एक शोध ग्रंथ) डॉक्टर अखिलेश चंद्र शर्मा जी द्वारा लिखित यह पुस्तक भारत के गर्व और गौरव को परिभाषित, स्थापित और व्याख्यायित करने वाला महान शोध ग्रंथ है। पुस्तक की प्रत्येक पंक्ति से लेखक की देशभक्ति, वेद भक्ति और प्रभु भक्ति की झलक दिखाई देती है। वास्तव में किसी भी […]