========= मनुष्य विचार करे तो उसे संसार में अपने लिये सबसे अधिक महत्वपूर्ण व उपकारी माता-पिता का संबंध प्रतीत होता है। माता-पिता न होते तो हम व अन्य कोई मनुष्य इस कर्मभूमि रूपी संसार में जन्म नहीं ले सकता था। माता-पिता की भूमिका यदि जन्म तक ही सीमित होती तो भी उनका अपनी सन्तानों के […]
Month: January 2020
8 जनवरी 1026 का है दिवस जब महमूद गजनवी ने सोमनाथ के मंदिर पर आक्रमण किया था , आज हमें अनायास ही याद हो आया । इस पोस्ट का लिखने का अभिप्राय महमूद गजनवी के आक्रमण को महिमामंडित करना नहीं है , अपितु उसके आक्रमण के समय हमारे देश के वीरों के द्वारा सोमनाथ मंदिर […]
प्रमोद भार्गव संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 19.5 करोड़ लोग कुपोषण के शिकार हैं। दुनिया के कुपोषितों में यह अनुपात करीब 25 प्रतिशत है। यदि बच्चों के स्तर पर बात करें तो देश के 10 बच्चों में से चार कुपोषित हैं। यह स्थिति उस कृषि-प्रधान देश की है, जो खाद्यान्न उत्पादन […]
ओ३म् =========== हम इस पृथिवी पर रहते हैं। यह पृथिवी हमारे सौर मण्डल का एक ग्रह है। ऐसे अनन्त सौर्य मण्डल इस ब्रह्माण्ड में हैं। इस सृष्टि व ब्रह्माण्ड को किसने बनाया है? इसका समुचित उत्तर विश्व के वैज्ञानिकों के पास भी नहीं है। वेद और वैदिक धर्म के अनुयायी ऋषि-मुनि व वैदिक साहित्य के […]
नई दिल्ली । ( अजय आर्य ) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन का कहना है कि जो लोग सावरकर के चिंतन या उनकी कार्यप्रणाली को लेकर उन पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं उनके बौद्धिक चिंतन और राजनीतिक विद्वेष भावना पर तरस आता है । डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा कि सावरकर जी का चिंतन हमें […]
नई दिल्ली । (विशेष संवाददाता ) पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की विधानसभा की 70 में से 67 सीटें जीतकर सबको आश्चर्य में डाल दिया था। इस बार बीजेपी के हाथ से कई राज्य निकल चुके हैं। ऐसे में दिल्ली का विकेट भी केजरीवाल झटक जाए तो कोई आश्चर्य नहीं होगा। […]
आज एक खास बात आपसे शेयर करना चाहता हूं । शायद आप में कई यह नहीं जानते होंगे कि हमारे देश का राष्ट्रपति जिस स्थान से बैठकर संवैधानिक रूप से देश का शासन चलाता है वह ऐसा स्थान है जिसका मुआवजा आज तक उसके वास्तविक मालिकों अर्थात किसानों को नहीं दिया गया है । इस […]
ओ३म् ========== परमात्मा ने सृष्टि के आरम्भ में वेदों का ज्ञान दिया था। इस ज्ञान को देने का उद्देश्य अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न व उसके बाद जन्म लेने वाले मनुष्यों की भाषा एवं ज्ञान की आवश्यकता को पूरा करना था। सृष्टि के आरम्भ से लेकर महाभारत काल पर्यन्त भारत वा आर्यावत्र्त सहित विश्व भर की […]
अपने पाठकों के लिए हम बताना चाहेंगे कि 1962 के युद्घ के 5 वर्ष पश्चात ही 1967 में चीन ने एक बार फिर प्रयास किया था कि भारत को एक बार फिर चुनौती दी जाए और उसे मार का एक और ‘सदमा’ दिया जाए, परंतु तब तक परिस्थितियां बदल चुकी थीं । सिक्किम उस समय […]
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में कांग्रेस सेवादल की ओर से बांटी गई किताब में वीडी सावरकर और नाथूराम गोडसे के बीच समलैंगिक संबंधो वाली बात पर अब शिवसेना के बाद एनसीपी ने भी इसे आपत्तिजनक कहा है. एनसीपी के नेता नवाब मलिक ने कहा है कि वैचारिक मतभेद होना ठीक है लेकिन आपत्तिजनक बातें लिखना […]