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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व संपादकीय

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-61

गीता का दसवां अध्याय और विश्व समाज सत्य है परमात्मा सृष्टि का आधार। उसके साधे सब सधै जीव का हो उद्घार।। वह परमपिता-परमात्मा सत्य है। सत्य वही होता है जो इस सृष्टि से पूर्व भी विद्यमान था और इसके पश्चात भी विद्यमान रहेगा, जो अविनाशी है। वह परमपिता परमात्मा अपने स्वभाव में अविनाशी है। वह […]

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आओ कुछ जाने

दिल्ली का पहला कोतवाल कौन?

दिल्ली भारत की राजधानी है। इसी शहर को कभी राजा इन्द्र की राजधानी या इन्द्रनगरी या इन्द्रप्रस्थ कहा जाता था। राजा इन्द्र की राजधानी या इन्द्रनगरी की कथा-कहानियां भारतवर्ष में आज भी बहुत प्रचलित हैं। राजा इन्द्र के दरबार का वैभव भी कथा-कहानियों और पुराणों में हमें बहुत कुछ सुनने और पढऩे को मिलता है। […]

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बिखरे मोती

वाणी और व्यवहार का, मन होता आधार

बिखरे मोती-भाग 216 गतांक से आगे…. गतिशील रहता है सातवें प्रश्न का उत्तर इसे सत्व गुण की प्रधानता से काबू किया जा सकता है। प्रश्न का उत्तर-मन के सहयोग के बिना कोई भी ज्ञानेन्द्रीय अथवा कर्मेेन्दीय अपना कार्य करने में समर्थ नहीं होती है। शरीर का सभी ज्ञान-व्यापार अथवा कर्म -व्यापार मन के सहयोग से […]

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महत्वपूर्ण लेख

हवा में खड़े होते महल

अरविंद कुमार सेन आज से तकरीबन दो दशक पहले की बात होगी। पूरी दुनिया में इंटरनेट और इस पर आधारित सेवाएं रफ्ता-रफ्ता पैर फैला रहीं थी। डोमेन नाम वाली वेबसाइट (संक्षेप में डॉटकॉम) खड़ी करने का एक अभियान पूरी दुनिया में चल पड़ा था। रातों-रात नए-नए आंतरप्रेन्योर यानी नवउद्यमी पैदा हो गए थे, जिनकी एकमात्र […]

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राजनीति

कायदे और कारगुजारी का अंतर

वीरेंद्र पैन्यूली जिस दिन से देश आजाद हुआ, हर नेता तो यही कहता आता है कि अधिकारियों को फाइलों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जमीनी हकीकत जानने के लिए जनता के बीच जाना चाहिए। किस जिला अधिकारी की यह जिम्मेदारी नहीं थी कि वह अपने जिला में स्वास्थ्य, शिक्षा व सफाई की समस्याओं […]

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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व संपादकीय

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-60

गीता का दसवां अध्याय और विश्व समाज शस्त्रों में वज्र मैं हूं, गायों में कामधेनु मैं हूं, प्रजनन में कामदेव मैं हूं, सर्पों में वासुकि मैं हूं। यहां श्रीकृष्णजी किसी भी जाति में या पदार्थादि में सर्वोत्कृष्ट को अपना रूप बता रहे हैं। सर्वोत्कृष्ट के आते ही छोटे उसमें अपने आप आ जाते हैं। जैसे […]

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राजनीति

बड़ी बातें नहीं, स्पष्ट इरादे चाहिए

आर्थिक हालात को ठीक करने के लिए केवल बातों की नहीं, बल्कि मजबूती के साथ धरातल पर काम करने की जरूरत है। एक समृद्ध प्रदेश के निर्माण के लिए आज से ही सरकार को कुछ ठोस निर्णय लेने की जरूरत है, ताकि आने वाले कल की बेहतरी की संकल्पना साकार की जा सके।  हिमाचल प्रदेश […]

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अन्य

अंतरिक्ष में नई संभावनाएं

अंतरिक्ष की दुनिया में भारत ने नया इतिहास रच दिया है। इसरो ने बीते सप्ताह पीएसएलवी-40 सी के जरिए पृथ्वी अवलोकन उपग्रह कार्टोसैट-2 सहित इकतीस उपग्रहों का एक साथ सफल प्रक्षेपण करके एक बार फिर से दुनिया से अपना लोहा मनवाया है। पिछले हफ्ते छोड़े गए उपग्रहों में अमेरिका समेत छह देशों के अ_ाईस उपग्रह […]

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गीता का कर्मयोग और आज का विश्व संपादकीय

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-59

गीता का दसवां अध्याय और विश्व समाज ऐसी उत्कृष्ट श्रद्घाभावना के साथ जो लोग ईश भजन करते हैं-उनके लिए गीता का कहना है कि उन्हें मैं (भगवान) बुद्घि भी ऐसी प्रदान करता हूं कि जिसके द्वारा वे मेरे पास ही पहुंच जाते हैं। उन पर अपनी अनुकम्पा करने के लिए मैं उनके आत्मा के भाव […]

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सैर सपाटा

पर्यटन के साथ ही आध्यात्मिक सुख भी मिलता है ऋषिकेश में

ऋषिकेश को केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का प्रवेशद्वार माना जाता है। कहा जाता है कि इस स्थान पर ध्यान लगाने से मोक्ष प्राप्त होता है। हर साल यहाँ के आश्रमों में बड़ी संख्या में तीर्थयात्री ध्यान लगाने और मन की शान्ति के लिए आते हैं। ऋषिकेश पर्यटन का सबसे आकर्षक स्थल है। विदेशी पर्यटक […]

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