घनश्याम भारतीय प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेन्द्र मोदी ने जिस अच्छे दिन की कल्पना की थी और देश वासियों को उसके सपने दिखाये थे उन्हें साकार होने में सामाजिक विदू्रपताएं बाधक बनी हुई है। जिन्हें दूर किये बिना अच्छे दिन की कल्पना बेमानी होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि व्यक्तियो की एक लम्बी श्रृंखला से बनने वाला […]
Month: July 2015
धरती की प्यास बुझा नहरें, धरती पर लातीं हरियाली।विकास की बनती वृहत्त योजना, हर घर में आये खुशहाली। विश्व बैंक समृद्घ राष्ट्र, देते हैं मदद ये बड़ी-बड़ी।पिछड़ापन दूर भगाने को, निर्माण हो रहा घड़ी-घड़ी। जीवनोपयोगी वस्तुओं के, बड़े उद्योग लगाये जाते हैं।शंका होती हमको मन में, क्या कोई हमें बताएगा?विधवा और अनाथ के आंसू, क्या […]
वर्षा शर्मा वृक्ष तथा विभिन्न वनस्पतियां धरती पर हमारे जीवन के लिए बहुत उपयोगी हैं। भारतीय संस्कृति में भी प्राचीन समय से ही वृक्षों तथा वनस्पतियों को पूजनीय माना जाता रहा है। विभिन्न वनस्पतियां हमारे स्वास्थ्य की रक्षा में भी सहायक सिद्ध होती हैं। ऐसा ही एक छोटा परन्तु बहुत महत्वपूर्ण पौधा होता है तुलसी […]
प्रमोद भार्गव व्यक्ति विशेष के आदर्श व गुणों को जीवन में उतारने की बजाय उसका मंदिर बनाना और मूर्ति लगाकर पूजा-अर्चना करना अंधविश्वास को बढ़ावा देने के साथ चाटूकारिता का भी चरम है। कुछ ऐसा ही प्रपंच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कट्टर समर्थक रमेश उद्धव ने राजकोट में पांच लाख रुपए खर्च करके मंदिर बनाकर […]
गाय सृष्टि का सर्वोत्तम प्राणी हैं यह बात शास्त्र कहते है तथा गाय की महत्ता, उपादेयता, आवश्यकता आध्यात्मिक,धार्मिक तथा वैज्ञानिक दृष्टि कोण से सर्वविदित है। इस बारे में खूब लिखा और कहा गया है तथा यह जानकारी सब को हैं। यहाँ केवल मैं व्यवहारिक रुप में जो हम प्रतिदिन गाय की सेवा करते हैं […]
अपने राष्ट्र की महान संस्कृति और उसकी मानवाधिकारवादी प्रकृति के प्रति कृतघ्नता का इससे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है कि लोग अपने देश को जंगलियों का देश मानकर ‘मैग्नाकार्टा’ और यू.एन.ओ. के घोषणापत्रों में मानवाधिकारों का अस्तित्व खोजते हैं। ऐसे लोगों की बुद्घि पर तरस आता है और क्षोभ भी होता है? तरस […]
अनिल गुप्ता स्व.संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री इन्द्रेश जी, जो पिछले अनेक वर्षों से मुस्लिम समाज के साथ संवाद कायम करने में लगे हैं, के विभाजन और गांधीजी सम्बन्धी बयान पर उबलने वाले कांग्रेसी क्या विभाजन की घोषणा के बाद विभाजन विरोधी गांधीजी का कोई बयान दिखाएंगे? कुछ सवालों के जवाब देश जानना चाहता है […]
जीवन जटिल आयु सीमित है, इसका भी कर ध्यान तू।यथा शक्ति नित करता चल, इस सृष्टि का त्राण तू। विकास और शांति को बना ले, इस जीवन का ध्येय।ईश्वर का प्रतिनिधि होने का, तभी मिलेगा श्रेय। ईष्र्या प्रतिशोध की अग्नि, कर शांत क्षमा के नीर से।भोग में नही, त्याग में सुख है, बच हिंसा के […]
गतांक से आगे….संत की वाणी का असर,सब काहू पै न होय।चुम्बक लोहे को खींच ले,कीचड़ देय बिछोय।। 952 ।। व्याख्या :-संत अथवा सत्पुरूष तो चमकते हुए सूर्य की तरह होते हैं। सूर्य की किरणें पृथ्वी के कण-कण को आलोकित करती हैं किंतु वे उन घरों को प्रकाशित नही कर पाती हैं जिनके दरवाजों के ताले […]
वर्षा शर्मा अकसर तकलीफ देह बीमारियों का उपचार भी तकलीफदेह ढंग से होता है पर ऐरोमाथेरेपी आपको सुई और कड़वी दवाइयों के झंझट से निजात दिला सकती है। ऐरोमा का अर्थ है खुशबू तथा थेरेपी से अभिप्राय उपचार से है। ऐरोमाथेरेपी उपचार की वह पद्धति है जिसमें खुशबू के द्वारा अनेक बीमारियों का निदान संभव […]