डॉ0 वेद प्रताप वैदिक संघ लोक सेवा आयोग की भर्ती-परीक्षा में ‘सीसेट’ के प्रश्न-पत्रों का इतना तगड़ा विरोध होगा, इसका अंदाज न तो पिछली सरकार को था और न ही वर्तमान सरकार को। पिछले साल दिल्ली के मुखर्जी नगर में जब इन छात्रों की पहली सभा को मैंने संबोधित किया था तो मुझे ऐसा जरुर […]
Month: August 2014
हिंदी पर मोदी की परीक्षा
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक संघ लोक सेवा आयोग के सीसेट प्रश्न पत्रों के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब उग्र होता जा रहा है। पुलिस आदोलनकारियों के साथ जोर जबर्दस्ती कर रही है। उधर धरने पर बैठे लड़के भी अपने वाली पर उतर आए है। वे तोड़ फोड़ कर रहे हैं। बसें जला रहे हैं। जंतर […]
एल आर गांधीजस्टिस दवे ने समाज के चरित्र निर्माण के लिए गीता और महाभारत कीअनिवार्यता के विषय में क्या कह दिया कि सैकुलर शैतानों और कम्युनिस्टों केज़मीर पर आस्तीन का सांप लोट गया। जस्टिस दवे ने गुरु-शिष्य प्रणाली सेपलायन को सभी राष्ट्रीय समस्याओं का कारण बताया …’ यथा राजा तथा प्रजा ‘यदि प्रजातंत्र में सभी […]
अवश्य खाना चाहिए थोड़ी ही क्यों ना हो . ये हमारा कई बार होने वाला वार्तालाप है. लौकी काटते समय थोड़ी लौकी कच्ची ही खा ले. ये बहुत मीठी लगती है. लौकी कद्दूकस करने पर उससे निकला पानी पी जाएँ. क्योंकि इसके बहुत लाभ है —– लंबी तथा गोल दोनों प्रकार की लौकी वीर्यवर्ध्दक, पित्त […]
राजस्थान का जोधपुर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय देश के पांच शीर्ष विधि विश्वविद्यालयों में शामिल आई.आई.टी. जोधपुर को 230.73 करोड़ रू. जारी नई दिल्ली 04 अगस्त, 2014। संसद सत्रा के दौरान सोमवार को राज्यसभा में सांसद श्री नारायण लाल पंचारिया द्वारा पूछे गये आई.आई.टी. जोधपुर और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एन.एल.यू.) जोधपुर की वर्तमान शैक्षणिक स्थिति से […]
हम जैसा सोचते हैं वैसा हो जाता है अथवा करना पड़ता है। जो कुछ सोचा जाता है उसकी तीव्रता के अनुरूप हर सोच को आकार मिलता है। सोच कमजोर होने पर हमारे कर्म की धाराएं कमजोर हो जाती हैं जबकि इसके विपरीत हमारी सोच तगड़ी हो, उसके साथ संकल्प की सुदृढ़ता हो तब उस सोच […]
नटवरसिंह के धमाके
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक पूर्व विदेश मंत्री कुंवर नटवरसिंह की पुस्तक ‘वन लाइफ इज़ नॉट इनफ’ ने प्रकाशित होने के पहले ही धमाके करना शुरु कर दिया है। संजय बारु ने सोनिया-मनमोहन संबंधों पर जो प्रकाश डाला था, उससे कहीं ज्यादा तेज़ रोशनी अब नटवरसिंह की किताब डालेगी, क्योंकि नटवरसिंह अफसर नहीं थे, नेता थे, […]
डॉ0 वेद प्रताप वैदिक विदेश मंत्री जान केरी का भारत आना और यहां आकर मोदी सरकार के साथ सामरिक संवाद करना आखिर किस बात का सूचक है? जिस नरेंद्र मोदी को अमेरिकी सरकार वीजा तक देने को तैयार नहीं थी और कांग्रेशनल सुनवाइयों में पानी पी-पीकर कोसती रहती थी, उसी ने अब अपने विदेश मंत्री […]
यह सृष्टि पंच महाभूतों की ही बनी हुई है और उन्हीं के आधार पर जड़-चेतन सब कुछ टिका हुआ है। हर तत्व का अपना वजूद है, तत्वों का संयोग विभिन्न प्रकार की सृष्टि और निरन्तर सृजन-परिवर्तन का आदि जनक है। इन पंच तत्वों आकाश, अग्नि(तेज), वायु, जल और पृथ्वी का ही सारा व्यापार सर्वत्र दृष्टिगोचर […]
वे काम करें जो भीड़ नहीं कर सकती
यह संसार एक मेला है जिसमें प्रमुख रूप से दो ही तरह के लोग हैं। एक वे लोग हैं जो भीड़ में शामिल हो जाते हैं और भीड़ का चरित्र अपनाकर भीड़ की तरह ही रहते हैं और सारे काम वे ही करते रहते हैं जो भीड़ करती रही है। भीड़ में शामिल लोग भीड़ […]