ऊं भूर्भुव: स्व:। तत्सवितुर्वरेण्यंभर्गो देवस्य: धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।गायत्री मंत्र संक्षेप मेंगायत्री मंत्र को वेद माता कहकर वैदिक हिन्दू धर्म में सबसे उत्तम मंत्र माना जाता है। यह मंत्र हमें ज्ञान प्रदान करता है। इस मंत्र का अर्थ है-हे प्रभु, आप सर्वजगत के उत्पत्ति कर्त्ता, पालनहार और दुखहर्त्ता हैं। आपके वरणीय, तेजस्वरूप का हम […]
Month: May 2013
इंकलाब जिंदाबाद-2
शांता कुमारतुम दूसरों से जो चाहो पर मैं तुमसे और तुम मुझसे नही छिप सकते। तुम फिसल रहे हो। दो घनिष्ठ मित्रों का यह कड़वा संवाद इस बात का साक्षी है कि वीरों के लिए भावनाओं की धरती से कर्त्तव्य का अम्बर बहुत ऊंचा होता है। सुखदेव की आंखें लाल हो गयीं थी। भगतसिंह को […]
फिर एक हकीकत धार्मिक उन्माद के कारण फांसी चढ़ गया है। सरबजीत हमारे बीच नही हैं, अब उनकी शहादत की यादें हमारे बीच हैं, और बहुत देर तक रहेंगी। पंजाब सरकार ने आज के इस ‘हकीकत’ को ‘शहीद’ की उपाधि देने में कोई देर नही की। यह अच्छी बात हो सकती है, लेकिन शहीद की […]
मनीराम शर्माहमारे नेतृत्व द्वारा भारतीय संविधान की भूरि-भूरि प्रशंसा की जाती है और कहा जाता है कि हमारा संविधान विश्व के श्रेष्ठ संविधानों में से एक है। वास्तविकता क्या है यह निर्णय पाठकों के विवेक पर छोड़ते हुए लेख है कि हमारा संविधान ब्रिटिश संसद के भारत सरकार अधिनयम,1935 के प्रावधानों से काफी कुछ मेल […]
अनुराग मिश्र‘ये कहाँ आ गए है हम’ लता जी की मीठी आवाज़ में गाया ये गाना आज भारतीय सिनेमा के 100 साल की यात्रा पर बिल्कुल फिट बैठता है क्योंकि अपने उदगम से लेकर आज तक भारतीय सिनेमा में इतने ज्यादा बदलाव आये हैं कि कोई भी अब ये नहीं कह सकता कि आज की […]
तनवीर जाफ़रीपाकिस्तान की जेल में लगभग 22 वर्ष बिताने वाले भारतीय कैदी सरबजीत की गत् 26 अप्रैल को जेल में किए गए एक जानलेवा हमले के कारण आख़िरकार मौत हो ही गई। गौरतलब है कि सरबजीत को 1990 में लाहौर व फैसलाबाद में हुए बम धमाकों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन धमाकों […]
मुजफ्फर हुसैनगतांक से आगे….पैगंबर साहब की एक हदीस के अनुसार- यदि कोई एक छोटी चिड़िया को बिना किसी कारण मारता है तो उसे कयामत के दिन उसका हिसाब देना होगा। यदि कोई किसी घायल चिड़िया के प्रति दया दिखाएगा और उसकी सेवा शुश्रूषा करेगा तो कयामत के दिन ईश्वर उस पर दया दिखाएगा। यदि कोई […]
बिखरे मोती-भाग 1
ऐसे जनों की नाव की, हरि बनै पतवार (प्रस्तुत काव्यमाला साहित्य जगत के स्वनामधन्य हस्ताक्षर प्रो. विजेन्द्र सिंह आर्य के स्वरचित दोहों के रूप में है, जिन्हें हम यहां सुबुद्घ पाठकों की सेवा में सादर प्रस्तुत कर रहे हैं।श्री आर्य जी की काव्य रूप में इससे पूर्व ‘मेरे हृदय के उदगार’ नामक पुस्तक प्रकाशित हो […]
आपको जानकर आश्चर्य होगा, लेकिन ये बात सौ फ़ीसदी सच है। एक शताब्दी पहले ऑस्ट्रिया की राजधानी विएना के एक ही इलाके में एडोल्फ हिटलर, लियोन ट्रॉट्स्की, जोसेफ टीटो, सिग्मंड फ्रॉयड और जोसेफ स्टालिन रहते थे। दुनियाभर की राजनीति को प्रभावित करने वाले इन शख़्सियतों का एक जगह रहना क्या महज़ इत्तेफ़ाक था या कुछ […]
जर्मन तानाशाह एडोल्फ हिटलर को परमाणु बम बनाने से रोकने के मकसद से क्लिक करेंब्रिटेन ने 70 साल पहले नार्वे का एक दल भेजा था जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के सबसे जाबांज और अहम मिशन को अंजाम दिया था। उस दल के अगुआ और एकमात्र जीवित सदस्य जोकिम रोनेनबर्ग ने बीते गुरूवार को लंदन पहुंचकर […]