प्रणव मुखर्जी केन्द्र की मनमोहन सरकार के संकटमोचक रहे हैं। ऐसा सभी मानते हैं, लेकिन हमारा मानना है कि इस सरकार द्वारा खड़े किये गये संकटों से भी देश को उबारकर लाने वाले सरकार के मार्गदर्शक भी वही रहे हैं। अमेरिका के साथ परमाणु करार के मुद्दे पर मनमोहन सिंह अपनी सरकार की बलि तक […]
Month: July 2012
राहुल गांधी को जिम्मेदारी सौंपने की कवायद
कांग्रेस के युवा नेता राहुल गांधी को अब प्रणव मुखर्जी के मंत्रिमंडल से हट जाने के बाद प्रमुख जिम्मेदारी देते हुए मनमोहन सरकार में सम्मिलित करने की कवायद तेज हो गयी है। वैसे तो यह मांग पहले से ही चलती आ रही थी लेकिन सोनिया गांधी और राहुल स्वयं अभी नहीं चाहते थे कि मंत्रिमंडल […]
सोनिया गांधी 2004 में अपनी मर्जी से प्रधानमंत्री नहीं बनी इस बात का खुलासा पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. कलाम ने अपनी आने वाली एक किताब के माध्यम से किया है। पूर्व राष्ट्रपति ने अपनी किताब टर्निग पोइंट्स में स्पष्ट किया है कि उन्होंने सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनने से नहीं रोका था। यदि वह चाहतीं तो […]
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पुन: उपराष्ट्रपति बनने को कतई तैयार नहीं हैं। अंदरूनी सूत्रों की मानें तो कांग्रेस उन्हें पुन: उपराष्ट्रपति बनाना चाह रही थी, लेकिन अंसारी ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्यसभा की बोझिल कार्यवाही जैसे कार्य के संपादन के लिए अब उनकी उम्र और उनका स्वास्थ्य […]
राकेश कुमार आर्य पिछले अंक का शेष …अब सारे कार्यों के लिए लोग राज्य की ओर टकटकी लगाये रहकर देखते रहते हैं। अधिकार परस्त लोग निकम्मे होते हैं और कम्युनिस्टों ने ऐसे ही समाज का निर्माण किया है।जबकि भारत की आश्रम व्यवस्था का तो शाब्दिक अर्थ भी आ+श्रम=श्रम से परिपूर्ण है। ब्रहम चर्यश्रम में विद्याध्ययन […]
यह बात जंचती नही है संगमा जी!
राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी पी.ए. संगमा ने अपने प्रतियोगी और संप्रग प्रत्याशी प्रणव मुखर्जी को खुली बहस की चुनौती देते हुए भारत में राष्ट्रपति के चुनाव को अमेरिकी पैटर्न पर लडऩे का नया अंदाज देने का प्रयास किया है। दूसरे उन्होंने स्वयं को आदिवासी नेता होने के नाते सांसदों एवं मतदाताओं से अपना मत देने की […]
गुरू एक दिव्य शक्ति है :-
जल हमेशा नीचे की तरफ बहता है किंतु जब वह अग्नि तत्व के संपर्क में आता है तो वही जल वाष्प बनकर आकाश की ऊंचाईयों को छूने लगता है और बादल बनकर प्यासी धरती की प्यास बुझाता है। चारों तरफ हरियाली लाता है। पावस ऋतु और सुख समृद्घि का कारक बनता है। ठीक इसी प्रकार […]
यह विलक्षण बालक काफी कम उम्र से ही भय अथवा अंधविश्वास न मानता था। उनके बचपन का एक अन्य खेल था, पड़ोसी के घर चम्पा के पेड़ पर चढ़कर फूल तोड़ना और ऊधम मचाना। पेड़ के मालिक ने अपनी डाँट-फटकार से कोई लाभ न होता देख, एक दिन नरेन के साथियों से अत्यंत गंभीरतापूर्वक कहा कि […]
वेद का आदेश है-माँ भ्राता भ्रातरन द्विक्षत । भाई भाई में द्वेष न करे , भाई भाई से न लड़े और न झगड़े । परिवार में सुख , शांति और आनंद का मूल है भाइयो से प्रेम । भाइयो से द्वेष होने से परिवार नष्ट हो जाते है , संपत्ति वकीलो और कचहरियों की भेट […]