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राजनीति

राख होती सियासत और समाज की संवेदनशीलता

(राकेश अचल- विभूति फीचर्स) मैं देश में चौतरफा राजनीति के चक्रवात की बढ़ती असंवेदनशीलता देखकर हैरान हूँ। राजनीति के चक्रवात में जो उजड़ेगा सो उजड़ेगा लेकिन सबसे पहले संवेदनशीलता राख होती दिखाई दे रही है । सत्ता हासिल करने के लिए बैचेन हमारे नेताओं को न राजकोट के गेम जोन में राख हुई जिंदगियों को […]

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कविता

*’ तपन ‘*

‘ तपन ‘ सुलगती धरती यहाँ पर तप रहा आकाश है गर्म हवाओं के थपेड़े तपन बेहिसाब है आग बरसी है धरा पर प्रचंड सूर्य ताप से झुलसते सब पेड़-पौधे सूनी दिखती राह है तीक्ष्ण अनल सूर्य का या, क्रोध हो इन्सान का अति होती जब किसी की हो पीड़ादायक सर्वदा गहन उष्ण ताप से […]

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आज का चिंतन

हमारा दिव्य लक्ष्य क्या होना चाहिए?

जब कोई व्यक्ति अपनी गौरवशाली सम्पदा का प्रयोग उचित प्रकार से करता है और उपभोक्तावाद से ऊपर उठ जाता है तो क्या होता है? हमारा दिव्य लक्ष्य क्या होना चाहिए? क्या सर्वोच्च दिव्यता हमारे दिव्य लक्ष्यों में हमारी सहायता करती है? अध ते विश्वमनु हासदिष्टय आपो निम्नेव सवना हविष्मतः। यत्पर्वते न समशीत हर्यत इन्द्रस्य वज्रः […]

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भारतीय संस्कृति

बुद्ध-पूर्णिमा और गौतम बुध* 2

* डॉ डी के गर्ग निवेदन: ये लेख 6 भागो में है ,पूरा पढ़े / इसमें विभिन्न विद्वानों के द्वारा समय समय पर लिखे गए लेखो की मदद ली गयी है । कृपया अपने विचार बताये। भाग- 2 –बुद्ध से सम्बंधित कुछ प्रश्नोत्तरी : साभार- विद्यासागर वर्मा ,पूर्व राजदूत प्रश्न १ : क्या महात्मा बुद्ध […]

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स्वास्थ्य

युवाओं की गंभीर होती हालत*

(आर. सूर्य कुमारी – विनायक फीचर्स) पुणे में एक सत्रह वर्षीय युवा द्वारा शराब के नशे में गाड़ी चलाकर दो युवा इंजीनियरों को मार देने का प्रकरण इन दिनों काफी चर्चित है। शराब के नशे में मदहोश इस युवा ने दो और की जीवनलीला समाप्त कर दी। आए दिन ऐसे हादसे की खबरें हमें सुनाई […]

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Uncategorised

धन और शांति का मनुष्य जीवन में महत्व

व्यक्ति को धन भी चाहिए और शांति भी। धन कमाने के लिए वह पढ़ाई करता है, ऊंची ऊंची डिग्रियां लेता है, ऊंचे-ऊंचे पदों की प्राप्ति करता है। “फिर धन कमा कर वह भोजन वस्त्र मकान मोटर गाड़ी तथा अन्य भी बहुत से जीवन ज़रूरी सामान खरीद लेता है। बहुत सा सम्मान भी उसे मिल जाता […]

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भारतीय संस्कृति

सूर्यवंशी राजा विजय के जीवन के कुछ पहलू

आचार्य डॉ राधे श्याम द्विवेदी अयोध्या के सूर्यवंशी राजा हरिशचंद्र के पुत्र का नाम रोहित था। रोहित के पुत्र को हरित के नाम से जाना जाता था, और हरित का पुत्र चम्पा था। चम्पा का पुत्र सुदेव था। उसका पुत्र विजय था।चम्प से सुदेव और उसका पुत्र विजय हुआ। इसी राजा के कार्यकाल में आदि […]

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भारतीय संस्कृति

*🥀मनुस्मृति में शूद्रों की स्थिति और भारतीय संस्कृति🥀*

डॉ सुरेंद्र कुमार मनुस्मृति भाष्यकार एवं पूर्व कुलपति गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय मनुस्मृति के अन्तःसाक्ष्यों पर दृष्टिपात करने पर हमें कुछ अत्यन्त महत्त्वपूर्ण एवं आधारभूत तथ्य उपलब्ध होते हैं जो शूद्रों के विषय में मनु की भावनाओं का संकेत देते हैं। वे इस प्रकार हैं― 🌻(1) दलितों-पिछड़ों को शूद्र नहीं कहा―आजकल की दलित, पिछड़ी और जनजाति […]

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इतिहास के पन्नों से

बुद्ध-पूर्णिमा और गौतम बुद्ध 1

डॉ डी के गर्ग , भाग 1 निवेदन: ये लेख ५ भागो में है ,पूरा पढ़े / इसमें विभिन्न विद्वानों के द्वारा लिखे गए समय समय पर लेखो का संपादन किया है। कृपया अपने विचार बताये। प्रचलित मान्यता: ऐसा कहा जाता है की इस पूर्णिमा के दिन गौतम बुद्ध का जन्म भारत के बिहार प्रदेश […]

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उगता भारत न्यूज़

साध्वी ऋतंभरा की मानवता सेवा को देश-विदेश ने माना

रविंद्र आर्य वात्सल्य ग्राम आश्रम की ख्याति विदेशों में भी गूंज रही है रिपोर्ट: रविंद्र आर्य अयोध्या आंदोलन की स्तंभ, राम मंदिर आंदोलन की आवाज रहीं साध्वी, 1990 के दशक की प्रतिष्ठित साध्वी महिला, दीदी मां ‘ऋतंभरा’, ये वही साध्वी ऋतंभरा हैं, जो युवावस्था में अपने ओजस्वी भाषणों और कविताओं से राम भक्तों में जोश […]

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