कौन परमात्मा से प्रार्थना तथा उसकी प्रशंसा करता है? कौन परमात्मा से प्यार करता है? क्या परमात्मा के प्रति प्रेम सभी मानवों में एक निश्चित सत्य लक्षण है? सनायुवो नमसा नव्यो अर्कैर्वसूयवो मतयो दस्म दद्रुः। पतिं न पत्नीरुशतीरुशन्तं स्पृशन्ति त्वा शवसावन्मनीषाः ।।ऋग्वेद मन्त्र 1.62.11 (कुल मन्त्र 721) (सनायुवः) प्राचीन और शाश्वत अर्थात् सनातन की इच्छा […]