ऋषि राज नागर एडवोकेट संत कबीर – बाम्हन गुरु जगत का, साधु का गुरु नाहि। उरझि – उरझि कर मारि रहा, चारिउँ वेदा माहि॥ किया जप किया तप सजमो, किया बरत इसनान । जब लग जुगति न जानीऐ, भाउ भगति भगवान॥ गुरु नानक देव – जप तप करि करि संजम थाकी हठ निग्रहि पाईए । […]