-स्वामी विवेकानन्द जी सरस्वती, प्रभात आश्रम (पूज्य स्वामी विवेकानन्द जी का यह लेख 22 वर्ष पहले शांतिधर्मी में प्रकाशित हुआ था। पितृपक्ष श्राद्ध तर्पण प्रकरण में यह लेख अवश्य ही पठनीय और विचारणीय है।- सहदेव समर्पित) किसी भी भारतीय मास के दो पक्ष होते हैं, पहला पक्ष कृष्ण पक्ष अर्थात् अन्धेरा पक्ष। दूसरा शुक्ल पक्ष […]
पिंडदान-पितृ- विसर्जन रहस्य