___________________________ संस्कृत में ऊंट के लिए उष्ट्र शब्द है….. इसी से उष्ट्रासन बना है… ऊंट से प्रेरणा लेकर ही योग स्वास्थ्य मनीषियों ने उष्ट्रासन को इजाद किया जो मधुमेह मोटापे अवसाद के लिए बहुत लाभदायक है….| इसकी शारीरिक विलक्षणता क्षमताओं के कारण ऊंट को रेगिस्तान का जहाज कहा जाता है |ऊंट को लेकर बहुत […]
Author: आर्य सागर
लेखक सूचना का अधिकार व सामाजिक कार्यकर्ता है।
क्या हैं महामूर्ख के लक्षण
*महामूर्ख के लक्षण, ध्यान से पढ़िए। ऐसे लोग जीवन में कभी सफल नहीं हो पाते। वास्तविक सफलता प्राप्त करना अलग बात है, और सफलता का प्रदर्शन करना, एक अलग बात है।* *सफलता कोई सीमित उपलब्धि का नाम नहीं है, कि आपने बी ए, एम ए पास कर ली, आप सफल हो गए। और इसके बाद […]
कुमार गंधर्व मिश्रा ( लेखक गणित के शोधार्थी हैं) ऐसा कहना गलत नहीं होगा कि सभ्यताओं के विकास और विस्तार में गणित ने भी अमूर्त रूप से भूमिका निभाई है, वास्तव में किसी सभ्यता के विकास का अंदाजा वहां पर पनपी गणितीय संस्कृति से भी लगाया जा सकता है। लगभग 3000 ई. पू. की सिंधु […]
अलीगढ़ – सर्दियों में गाय और भैंस के बछड़ों में पेशाव रुकने की समस्या बहुत ज़्यादा देखने को मिलती है और पशुमालिकों को जानकारी के अभाव में सही से इलाज़ नही मिल पाता, जिसकी वजह से कई बछड़ों की मौत भी हो जाती है। आज कल इस समस्या का निदान ट्यूब सिस्टोस्टोमी(Tube Cystostomy) जो कि […]
महर्षि दयानंद और गौ रक्षा
* गावो विश्वस्य मातर: * जब आत्मा शरीर को छोड़ देती है तो शरीर मर जाता है अर्थात निष्क्रिय, निष्प्राण, तेजहिन हो जाता है। गो भारत सरीखे कृषि प्रधान देश की आत्मा है और यदि गो इस देश को छोड़ कर चली गयी तो भारत देश आत्मा के बिना शरीर मात्र रह जाएगा। इस राष्ट्र […]
*दूसरे लोगों को उचित सम्मान दीजिए। और उनके वास्तविक प्रेम का लाभ लीजिए।* संसार में सब प्रकार के लोग हैं। आपसे कम योग्यता वाले, आपके समान योग्यता वाले और आपसे अधिक योग्यता वाले भी हैं। आपको इन सब के साथ व्यवहार करना पड़ता है। जो आपसे कम योग्यता वाले हैं, उनके साथ आप वैसा व्यवहार […]
सुद्युम्न आचार्य विश्व भौतिकी के लिये भारत में किये गये अनेक प्राचीन अविष्कार दैनिक जीवनोपयोगी उपकरणों से सम्बन्धित है। इतिहास के किसी भी युग में उनका तिरस्कार नहीं किया गया। आधुनिक युग में भी उनका विकल्प खोजा नहीं जा सका। उदारहणत: स्थल में चलने के लिये चक्र तथा जल में चलने के लिये नौका […]
कृपाशंकर सिंह ऋग्वेद मे कुएँ का उल्लेख अनेक ऋचाओं में हुआ है। इससे पता चलता है कि ऋग्वेदिक काल में सिंचाई के साधनों में कुआँ का उपयोग भी होता रहा होगा। इसकी प्रप्ति कई़ ऋचायों मे चरस का नाम आने से भी होती है। सम्भवतः पीने के लिये भी कुएँ के पानी का उपयोग […]
शयन से पूर्व मंत्र पाठ व ईश्वर से प्रार्थना- यां मेधां देवगणाः पितरश्चोपासते। तयामामद्य मेधयाग्ने मेधाविनं कुरु स्वाहा॥ (यजुर्वेद (32.14) ……. तेजोऽसि तेजो मयि धेहि। वीर्यमसि वीर्यं मयि धेहि। बलमसि बलं मयि धेहि। ओजोऽस्योजो मयि धेहि। मन्युरसि मन्युं मयि धेहि। सहोऽसि सहो मयि धेहि॥ (यजुर्वेद 19.9) ……….. यज्जाग्रतो दूरमुदैति दैवं तदु सुप्तस्य तथैवैति। दूरङ्गमं ज्योतिषां […]
आपत्तियों से घबराएं नहीं। इन से युद्ध करें। आप निश्चित रूप से जीत जाएंगे।* आपत्तियां दुख चिंताएं परेशानियां किसके जीवन में नहीं हैं? सबके जीवन में हैं। सबके सामने विषम या विपरीत परिस्थितियां आती ही रहती हैं। जिस भी व्यक्ति ने संसार में जन्म लिया है, उसे अनेक प्रकार के दुख भोगने ही पड़ते हैं। […]