ललित गर्ग यह तो सर्वविदित एवं सामान्य समझ की बात है कि सामाजिक उथल-पुथल देश की आर्थिक तरक्की को प्रभावित करती है। इससे निवेशक बिदकते हैं और राज्य की जो ऊर्जा तरक्की में लगनी चाहिए, वह सामाजिक सौहार्द की बहाली में खर्च करनी पड़ती है। देश लम्बे समय से शांत था, एकाएक एक वर्ग-विशेष एवं […]