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हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

जनरल बख्त खान रुहेला आजादी के अमृत महोत्सव से गायब क्यों ?

 अशोक मधुप 1857 की क्रांति का बड़ा नाम “साहेब-ए-आलम बहादुर” (लॉर्ड गवर्नर जनरल) जनरल बख्त खान हैं। वे इस क्रांति के यज्ञ में बरेली से आहुति देने निकले। उन्होंने दिल्ली में अंग्रेजों के विरूद्ध संघर्ष का नेतृत्व किया। दिल्ली पतन के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। आजादी के अमृत महोत्सव में बिजनौर का लाल […]

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इतिहास के पन्नों से

लखनऊ का रूमी दरवाजा कुछ और नहीं लक्ष्मणपुर का राम द्वार है

उगता भारत ब्यूरो -भगवान श्री राम के छोटे भाई श्री लक्ष्मण के लक्ष्मणपुर यानी लखनऊ को नवाबों की नगरी बताकर… इतिहास का सबसे बड़ा इस्लामिक प्रोपागेंडा चलाया गया -पूरा का पूरा पुराना लखनऊ इस्लामिक हमले के पूर्व के हिंदू राजाओं के द्वारा बसाया गया था… यहां के महल जिन्हें अब इमामबाड़े (जहां कभी कोई इमाम […]

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हमारे क्रांतिकारी / महापुरुष

आर्यसमाज के विशिष्ट भजनोपदेशक स्वामी भीष्म जी महाराज

सहदेव समर्पित स्वामी भीष्म जी का जन्म 7 मार्च 1859 ई0 में कुरुक्षेत्र जिले के तेवड़ा ग्राम में श्री बारूराम पांचाल के गृह मेें हुआ था। बचपन में इनका नाम लाल सिंह था। इनकी बचपन से ही अध्ययन में रूचि थी। आपने 11 वर्ष की आयु में गाना शुरु कर दिया था और उस समय […]

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इतिहास के पन्नों से

आर्यसमाज और महात्मा गांधी – भाग 1

लेखक- पं० चमूपति जी, प्रस्तोता- प्रियांशु सेठ, #डॉ_विवेक_आर्य ‘यंग इंडिया’ में प्रकाशित महात्मा गांधी के लेख का वह अंश जिसमें ऋषि दयानन्द और आर्यसमाज का उल्लेख है, यहां उद्धृत किया जा रहा है। इसे देखते ही पाठकों को अवगत हो जाएगा कि महात्माजी को निम्नलिखित विषयों पर एतराज है- १. स्वामी श्रद्धानन्द के व्याख्यानों पर […]

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आज का चिंतन

ऋग्वेद की अनूठी ऋषिका:

ऋग्वेद की अनूठी ऋषिका: रात्रि देवी को भी मान दिलाने वाली #रात्रिर्वा_भारद्वाजी वह रात्रि है,अपने साथ अन्धकार तो लाती ही है;परन्तु उस अंधकार में जीवन होता है।उसमें नित नवीनता होती है,उसमें दिन का समापन नहीं होता अपितु वह स्वयं से साक्षात्कार का अवसर देती है।यह रात्रि नष्ट होने वाली रात्रि नहीं है,बल्कि यह रात्रि हमें […]

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देश विदेश

हिंदू समाज की तरह ही इस्लाम और ईसाई जगत में भी है वर्ण व्यवस्था

आइये आपको एक बड़ा सा झूठ सुनाते हैं | बरसों से सुनते आ रहे होंगे, एक बार फिर से मेरा दोहराना भी जरूरी है | आखिर समाज में मेरा भी तो योगदान बनता है !! वर्ण व्यवस्था हिन्दू धर्म में होती है | इसाई में नहीं होती, मुस्लिम भी नहीं मानते, मतलब कुल मिला के […]

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व्यक्तित्व

योगी आदित्यनाथ के व्यक्तित्व की विलक्षणता

दयानन्द पांडेय रोते तो हम सभी हैं। किसी न किसी मौक़े पर। किसी दुःख में , किसी सुख में। अनायास। पर आज तीसरी बार योगी मुख्य मंत्री को रोते हुए देखा। पहली बार संसद में रोते देखा था। जब वह गोरखपुर में अपनी गिरफ़्तारी का विवरण देते हुए फूट-फूट कर रोए थे। कुछ लोगों ने […]

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धर्म-अध्यात्म

संसार का सबसे प्रमाणिक और वैज्ञानिक कैलेंडर : भारतीय सम्वतसर

उगता भारत ब्यूरो बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध तक पश्चिमी देशों में उनके अपने धर्म-ग्रन्थों के अनुसार मानव सृष्टि को मात्र पांच हजार वर्ष पुराना बताया जाता था। जबकि इस्लामी दर्शन में इस विषय पर स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा गया है। पाश्चात्य जगत के वैज्ञानिक भी अपने धर्म-ग्रन्थों की भांति ही यही राग […]

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इतिहास के पन्नों से

राजकुमारियों के साथ आने वाली दासियों से कौन सा काम करवाया जाता था

उगता भारत ब्यूरो भारत या विश्व के कोई भी राजा महाराजा हों उनके पास दास- दासियों की बड़ी संख्या होती थी I इन दासों के द्वारा राज्य के प्रतिदिन के दिनचर्या के कार्य कार्यान्वित किये जाते थे, जब भी कोई राजा किसी दूसरे राज्य पर हमला करके उसे हरा देता था तो उस राज्य के […]

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आज का चिंतन

ईसाइयत से लोगों को बचाने की ऋषि दयानन्द की आर्यों को प्रेरणा

—————- सत्यार्थ प्रकाश के १३वें समुल्लास में एक स्थान पर ऋषि दयानन्द ने लिखा है – “यह भी विदित हुआ कि ईसा ने मनुष्यों के फसाने के लिये एक मत चलाया है कि जाल में मच्छी के समान मनुष्यों को स्वमत में फसाकर अपना प्रयोजन साधें । जब ईसा ही ऐसा था, तो आजकल के […]

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