Categories
इतिहास के पन्नों से

लेनिन और लेनिन की नीतियों पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है

(22 अप्रैल को 150 वें जन्म दिन पर) आज पूरे विश्व मे भगवदगीता का प्रकाशन होता है। आज भी भारत मे संत कबीर, संत रविदास, समर्थ गुरु रामदास, संत तिल्लुवल्लूवर, संत एकनाथ और संत नामदेव का नाम लिया जाता है। ये सब महात्मा झोपड़ी मे रहे परंतु इनके विचार आज भी हमे प्रकाशित करते हैं। […]

Categories
समाज

फैलाया जा रहा है रावण के नाम पर बौद्धिक प्रदूषण

  – कार्तिक अय्यर जूठ को हज़ार बार चिल्लाओ सत्य लगने लगेगा। यही काम आज अम्बेडकरवादी ,भीमसैनिक, ओशोवादी, वामपंथी जैसे कि सुरेंद्रकुमार अज्ञात व राकेश नाथ, पेरियार समर्थक आदि कर रहे हैं। रावण को खूब महान बताते है। किसी किसी ने तो दशहरे के अवसर पर रावण के दहन पर रोक लगाने के लिए न्यायालय […]

Categories
इतिहास के पन्नों से

पेरियार और डॉक्टर भीमराव अंबेडकर

  प्रस्तुति : ज्ञान प्रकाश वैदिक पेरियार और अम्बेडकर एक चुम्बक के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव की तरह हैं जिन्हे कभी भी एक साथ नहीं रखा जा सकता। वे अम्बेडकरवादी जिन्होंने ना तो आदरणीय अम्बेडकर जी को पढ़ा है और ना ही कभी विचार किया है जबरदस्ती उनके के साथ पेरियार को जोड़ रहे हैं. […]

Categories
पर्व – त्यौहार

श्री राम जी के द्वारा दी गई शिक्षाएं

श्री राम नवमी के पावन पर्व पर विशेष ●निर्मर्यादस्तु पुरुष: पापाचारसमन्वित:। मानं न लभते सत्सु भिन्नचारित्रदर्शन:।। जो मनुष्य मर्यादारहित, पापचरण से युक्त और साधु-सम्मत शास्त्रों के विरुद्ध आचरण करनेवाला है वह सज्जन पुरुषों में सम्मान प्राप्त नहीं कर सकता। ●कुलीनमकुलीनं वा वीरं पुरुषमानिनम्। चारित्रमेव व्याख्याति शुचिं वा यदि वाऽशुचिम्।। कुलीन अथवा अकुलीन, वीर हैं अथवा […]

Exit mobile version