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भारतीय संस्कृति

कौन से वेद में स्त्रियों और शूद्रों के वेद अधिकार का निषेध है ?

हम बड़ी नम्रतापूर्वक इन धर्माचार्यों से पूछना चाहते हैं कि ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद इन चारों संहिताओं में कहीं एक भी मन्त्र या मन्त्रांश ऐसा दिखा दीजिए जो महिलाओं और शूद्रों के वेदाध्ययन का निषेध करता हो?? महिला या पुरुष नहीं अपितु मानवमात्र को वेदाध्ययन का अधिकार है। मध्यकाल में जब बहुत प्रकार के […]

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भारतीय संस्कृति

घोर घने जंगल में

!!!–🔮 ओ३म् 🔮–!!! -: घोर घने जंगल में :- ================== एक बार विदुर जी संसार भ्रमण करके धृतराष्ट्र के पास पहुँचे तो धृतराष्ट्र ने कहा, “विदुर जी ! सारा संसार घूमकर आये हो आप, कहिये कहाँ-कहाँ पर क्या देखा आपने?” विदुर जी बोले, “राजन् ! कितने आश्चर्य की बात देखी है मैंने। सारा संसार लोभ […]

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व्यक्तित्व

फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा

फील्डमार्शल के. एम. करियप्पा भारतीय सेना को नेतृत्व प्रदान करने की बात आती है तो कोडांदेरा मदप्पा करियप्पा का नाम सबसे पहले लिया जाता है। वो भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ थे। उनको ‘किपर’ के नाम से भी पुकारा जाता है। कहा जाता है कि जब वो फतेहगढ़ में तैनात थे तो एक […]

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धर्म-अध्यात्म

पुनर्जन्म सिद्धांत समीक्षा

प्रश्न :- पुनर्जन्म किसे कहते हैं ? उत्तर :- आत्मा और इन्द्रियों का शरीर के साथ बार बार सम्बन्ध टूटने और बनने को पुनर्जन्म या प्रेत्याभाव कहते हैं । प्रश्न :- प्रेत किसे कहते हैं ? उत्तर :- जब आत्मा और इन्द्रियों का शरीर से सम्बन्ध टूट जाता है तो जो बचा हुआ शरीर है […]

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धर्म-अध्यात्म

किस वेद में स्त्रियों और शूद्रों के वेदाधिकार का निषेध है ?

हम बड़ी नम्रतापूर्वक इन धर्माचार्यों से पूछना चाहते हैं कि ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद इन चारों संहिताओं में कहीं एक भी मन्त्र या मन्त्रांश ऐसा दिखा दीजिए जो महिलाओं और शूद्रों के वेदाध्ययन का निषेध करता हो?? महिला या पुरुष नहीं अपितु मानवमात्र को वेदाध्ययन का अधिकार है। मध्यकाल में जब बहुत प्रकार के […]

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समाज

श्री अरविंद और आर्य समाज

लेखक- आचार्य अभयदेव मैं अभी आपके यज्ञ में सम्मिलित हुआ था। भारत के इस सुदूर कोने में ठेठ काश्मीरी लोगों को वेदमन्त्रों का उच्चारण करते हुए देख कर मुझे एक विशेष उल्लास हो रहा था। यह सब दयानन्द का प्रताप है। मेरे मन में यह भी आ रहा था कि आप वेदोच्चारण करने वाले लोगों […]

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भाषा

आदि भाषा संस्कृत का प्रकाश और स्वरूप

✍🏻 लेखक – पदवाक्यप्रमाणज्ञ पण्डित ब्रह्मदत्तजी जिज्ञासु प्रस्तुति – 🌺 ‘अवत्सार’ अब हम आदि-भाषा के स्वरूप पर कुछ विचार उपस्थित करते हैं। जब आदि-ज्ञान के स्वरूप को जान लिया जावे, तो आरम्भ में भाषा का व्यवहार कैसे चला होगा? ऐसी आकाङ्क्षा प्रत्येक व्यक्ति को होनी स्वाभाविक ही है। यह नियम है कि मनुष्यों में ज्ञान […]

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धर्म-अध्यात्म

जीवात्मा के बारे में विशेष जानकारी

1) जीवात्मा किसे कहते है ? उत्तर = एक ऐसी वस्तु जो अत्यंत सूक्ष्म है, अत्यंत छोटी है , एक जगह रहने वाली है, जिसमें ज्ञान अर्थात् अनुभूति का गुण है, जिस में रंग रूप गंध भार (वजन) नहीं है, कभी नाश नहीं होता, जो सदा से है और सदा रहेगी, जो मनुष्य-पक्षी-पशु आदि का […]

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भारतीय संस्कृति

हमारे अस्तित्व का आधार है राष्ट्र

वैदिक सभ्यता और उसको मानने वालों के निम्न लिखित आदर्श है मा नः स्तेन ईशतः यजुर्वेद 1।1 भ्रष्ट व् चोर लोग हम पर शासन न करें वयं तुभ्यं बलिहृतः स्याम । – अथर्व० १२.१.६२ हम सब मातृभूमि के लिए बलिदान देने वाले हों। यतेमहि स्वराज्ये । – ऋ० ५.६६.६ हम स्वराज्य के लिए सदा यत्न […]

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राजनीति

भारतीय रेलवे और साम्यवादी लेखक

साम्यवादी लोगों की एक विशेष पहचान होती है। ये लोग सदा देश के हित के विरुद्ध लेखन करते है। अब देखिये इस जमात ने अंग्रेजीशासन का गुणगान करते हुए यह लिख दिया कि अंग्रेजी शासन भारत पर उपकार के समान था। अंग्रेजों ने भारतीयों को रेल व्यवस्था दी, डाक व्यवस्था दी। अन्यथा भारतीय इतने गंवार […]

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