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आओ कुछ जाने सैर सपाटा

आइए जाने जयपुर के सिटी पैलेस के बारे में

अभी श्री राम जन्मभूमि के मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने वादकारियों से पूछा कि क्या श्री राम के वंशज अभी भी हैं ? इस पर जयपुर के राजपरिवार ने अपने आपको बताया कि वह श्री राम की 309 वी पीढ़ी का वंशज है । श्री रामचंद्र जी त्रेता में उस समय पैदा हुए […]

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महर्षि भारद्वाज और चेन्नई

मित्रो ! आज 22 अगस्त है । इस तिथि को मद्रास का स्थापना दिवस कहकर इतिहास में भ्रांति फैलाई गई है । प्राचीन काल में हमारे ऋषि जहां-जहां भी अपना आश्रम बना लिया करते थे , वहीं पर कालांतर में गुरुकुल और गुरुकुल से विश्वविद्यालय के रूप में वह स्थान परिवर्तित हो जाता था । […]

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इब्नबतूता क्या कहता है भारत के वीरों के बारे में

इ ब्नबतूता नाम का एक विदेशी यात्री हमारे देश में आया। वह चौदहवीं शताब्दी में सुल्तान मोहम्मद तुगलक के दरबार में आया था । इब्नबतूता ईरान के बादशाह का दूत था । इब्नबतूता ने भारत के योगियों के बारे में बहुत ही गौरव पूर्ण ढंग से लिखा है। उसने वर्णन किया है कि सुल्तान ने […]

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देश का वास्तविक गद्दार कौन ? गांधी, नेहरू या सावरकर भाग 12

सावरकरजी के हिन्दुत्व और नेहरूजी की ‘हिन्दुस्तान की कहानी’ का सच स्वतंत्रता आंदोलन के काल में हमारे क्रांतिकारी जब भी कोई ‘आतंकी घटना’ कर ब्रिटिश सरकार को हिलाने का प्रशंसनीय कार्य करते थे तभी हमारे कांग्रेसी नेताओं की कंपकंपी छूट पड़ती थी। उस कंपकंपी से मुक्ति पाने के लिए गांधीजी की कांग्रेस तुरंत एक ‘माफीनामा’ […]

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इसलिए है मेरा भारत महान

ह्वेनसांग ने भारत के बारे में अपने यात्रा संस्मरण में एक अति विचित्र स्थान का वर्णन किया है। शायद यह स्थान भुवनेश्वर उड़ीसा का हाथीगुफा वाला स्थान ही रहा होगा।इस विदेशी यात्री के माध्यम से हमें वर्णन मिलता है कि एक पर्वत में भिक्षुओं के आवास हेतु असंख्य गुफाएं चट्टानों को काटकर बनाई गई थीं […]

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इसलिए है मेरा भारत महान

ह्वेनसांग ने भारत के बारे में अपने यात्रा संस्मरण में एक अति विचित्र स्थान का वर्णन किया है। शायद यह स्थान भुवनेश्वर उड़ीसा का हाथीगुफा वाला स्थान ही रहा होगा। इस विदेशी यात्री के माध्यम से हमें वर्णन मिलता है कि एक पर्वत में भिक्षुओं के आवास हेतु असंख्य गुफाएं चट्टानों को काटकर बनाई गई […]

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जनसेवा से मुझे मिलता है आत्म संतोष : मेजर रूपसिंह नागर

दादरी । राष्ट्रपति पदक से सम्मानित और जिला जेल निरीक्षक जनपद गौतमबुद्धनगर मेजर रूपसिंह नागर का कहना है कि उन्हें जनसेवा से आत्मसंतोष की प्राप्ति होती है । श्री नागर ने कहा कि मैं अपने जीवन में कुछ विशेष मुद्दों , बिंदुओं व मूल्यों को लेकर संघर्ष करता रहा हूँ और जीवन भर संघर्ष करता […]

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इतिहास के पन्नों से

जब 19 अगस्त 1666 को शिवाजी निकल भागे थे औरंगजेब की जेल से

मित्रो ! आज का दिन बहुत ऐतिहासिक दिन है । 19 अगस्त 1666 को शिवाजी महाराज औरंगजेब जैसे अत्याचारी शासक की आगरा जेल से निकलकर भागने में सफल हुए थे और उसके पश्चात उन्होंने हिंदवी स्वराज्य का सपना देख कर भारत में हिंदू राज्य स्थापित करने की दिशा में महान कार्य किया था । महाराष्ट्र […]

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जब शपथ लेते रो पड़े थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि ( ? ) के अवसर पर विशेष आज कथित रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुण्यतिथि है । आज ही के दिन 1945 में कहा जाता है कि एक भी ग्रुप विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी । उन पर बहुत कुछ लिखा जा सकता है […]

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देश का वास्तविक गद्दार कौन ? भाग — 11

गांधीजी ने जानबूझकर नही बचाया था भगतसिंह को फांसी से गांधीजी ने अपने प्रभाव का प्रयोग कभी उन मुस्लिमों पर नही किया जो किसी भी प्रकार से देश की मुख्यधारा के साथ चलने को तत्पर नही थे। यद्यपि ऐसे कई अवसर आये जब गांधीजी अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए मुस्लिमों को हिंदुओं और हिंदुस्तान […]

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