=========== महर्षि दयानन्द को सत्यार्थप्रकाश लिखने की आवश्यकता इस लिये पड़ी थी कि उनके समय में वेद एवं वैदिक शिक्षाओं का लोप हो चुका था और यदि कहीं कुछ बचा हुआ था तो वह भी लुप्त होता जा रहा था। वैदिक धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के साथ सत्य की प्रतिष्ठा और असत्य के त्याग […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
========== वैदिक साधन आश्रम तपोवन, देहरादून का पांच दिवसीय शरदुत्सव आज सोल्लास आरम्भ हुआ। प्रातः 5.00 बजे से 6.00 बजे तक योग साधना का प्रशिक्षण साधको को दिया गया। प्रातः 6.30 बजे से 8.30 बजे तक सन्ध्या एवं यज्ञ सम्पन्न किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा अमृतसर से पधारे पं0 सत्यपाल पथिक जी थे। यज्ञ में […]
========= ईश्वर और उसकी उपासना को जानने के लिये हमें ईश्वर की सत्ता व उसके सत्यस्वरूप को जानना आवश्यक है। बहुत से लोग ईश्वर की उपासना व भक्ति तो करते हैं परन्तु ईश्वर के सत्यस्वरूप को जानने के प्रयत्नों की उपेक्षा करते हैं। जब ईश्वर को जानेंगे नहीं तो उपासना में होने वाले लाभों से […]
हमारे देश में यदि कोई किसान या किसान परिवार में जन्मा कोई व्यक्ति काश्तकारों से जमीन लेकर या अपनी स्वयं की भूमि पर आवासीय भूखंड काटता है या कोई कॉलोनी बनाता है तो उसे ‘अवैध कॉलोनी ‘ कहने में जहां मीडिया के कुछ लोग सक्रिय होते हैं , वहीं कुछ अधिकारी भी इन कॉलोनीज को […]
पिछले दिनों देश के गृहमंत्री अमित शाह ने कई बार यह कहा है कि कश्मीर धारा 370 को लगवाने और कश्मीर का अंतरराष्ट्रीय करण कर इस समस्या को उलझाने का पाप देश के पहले प्रधानमंत्री और कांग्रेस के नेता रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था । यदि हम इतिहास के तथ्यों की समीक्षा करें […]
जब जब मां भारती को बलिदानों की आवश्यकता पड़ती है तो इसकी सुरक्षा और संरक्षा के लिए इसके अनेकों सपूत बलिवेदी पर कूद पड़ते हैं । हमारे देश ने यज्ञ की परंपरा का आविष्कार ऐसे ही नहीं किया इसने राष्ट्रवेदी को भी एक यज्ञ कुंड के समान समझा है और राष्ट्र के मूल्यों की रक्षा […]
ववाराणसी । (विशेष संवाददाता ) कविता में कवि की कल्पना ही नहीं होती अपितु उसके भाव और शब्द जब श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दें तो समझना चाहिए कि कविता बोल रही है और वह जनमानस को प्रभावित करते हुए कोई नया संदेश और संकेत भी देने में सफल हो रही है । जमशेदपुर निवासी सुप्रसिद्ध […]
नेहरु जी ने बिना सोचे समझे और बिना सरदार पटेल से किसी प्रकार की वार्ता किये भारतीय संविधान की आपत्तिजनक धारा 370 को उसमें रखवा दिया था। इसे शेख अब्दुल्लाह से परामर्श करके पंडित नेहरू ने अपनी स्वीकृति प्रदान की और गोपाल स्वामी आयंगर द्वारा तैयार कराया गया । उस समय नेहरू अमेरिका की अपनी […]
अध्याय —– 8 पंजाब में आकर करने लगा पुरुषार्थ गुरु गोविंदसिंह जी और बंदा वीर बैरागी जो उस समय माधोदास के नाम से गोदावरी के तट पर अपना आसन लगाए पंचवटी में बैठे थे , की भेंट कैसे हुई ? – इस पर अपने विचार प्रकट करते हुए भाई परमानंद जी ने अपनी पुस्तक ‘ […]
========= यज्ञ में पांच घृत आहुतियों को देने का मुख्य प्रयोजन यह है कि समिधाओं पर इन घृत आहुतियों से अग्नि पूर्णरूप से जल उठे अर्थात् यज्ञ वेदी में रखी समिधायें भली प्रकार से जलने लगे। इसका कारण यह है कि इन आहुतियों के कुछ अन्तराल पर हम सामग्री वा साकल्य की आहुतियां देते हैं। […]