ओ३म् -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वैदिक धर्म एवं संस्कृति इस सृष्टि की आद्य एवं प्राचीन धर्म एवं संस्कृति है। यह धर्म व संस्कृति ईश्वर प्रदत्त ज्ञान वेद के आधार पर प्रचलित एवं प्रसारित हुई है। महाभारत काल तक इसका प्रचार व प्रसार पूरे विश्व में था। वेद के सभी सिद्धान्त ईश्वर प्रदत्त होने से सत्य […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
आज देश के पहले उप प्रधानमंत्री सरदार पटेल की जयंती है । राष्ट्र आज पहली बार अपने इस महानायक को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। जब जम्मू कश्मीर का पूर्ण वैधानिक विलय होते हुए हम भारत में देख रहे हैं । वहां पर आज एक विधान , एक निशान की प्रक्रिया के अंतर्गत नई […]
अपने घरेलू कलह से दुखी होकर फारस से कुछ व्यापारी भारत पहुंचे तो उन्होंने यहां के सिंध के शासक से व्यापार आदि की अनुमति मांगी । सिंध के तत्कालीन हिंदू शासक ने उक्त प्रतिनिधिमंडल के नेता से कहा कि आपको शरण भी दी जा सकती है और व्यापार की अनुमति भी दी जा सकती है […]
बात 1857 की क्रांति के समय की है । उस समय इटावा का कलेक्टर ए ओ ह्यूम था । इटावा के क्रांतिकारी इटावा के पास जसवंतनगर में मोर्चा ले रहे थे । चारों ओर क्रांतिकारियों की प्रबलता थी। ‘ हर हर महादेव ‘ की गूंज और ‘ भारत माता की जय ‘ के नारे जब […]
ओ३म् ======== मनुष्य के शरीर में जो स्थान आत्मा का है वही स्थान मनुष्य जीवन में वेदों के ज्ञान का है। ज्ञान कई प्रकार का है। ज्ञान अच्छे व बुरे प्रकार के भी हो सकते हैं। सबसे श्रेष्ठ ज्ञान वेद ज्ञान है जो मनुष्य को सृष्टि के आरम्भ में परमात्मा से प्राप्त हुआ था। वेदों […]
-गोवर्धन पर्व पर प्रस्तुत लेख- -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। परमात्मा ने मनुष्य को अपने पूर्वजन्म के कर्मानुसार सुख व दुःख का भोग करने के लिये जन्म दिया है। मनुष्य को सुख भोगने के लिये स्वस्थ शरीर की आवश्यकता होती है। स्वस्थ शरीर का आधार युक्त आहार-विहार होता है। मनुष्य के स्वास्थ्य के तीन आधार भी […]
— डॉ वीरेंद्र कुमार स्नातक विश्व में भारतीय संस्कृति प्राचीनतम संस्कृति है। भारतीय संस्कृति मानव मात्र का कल्याण करने वाली संस्कृति है । सृष्टि के प्रारंभिक ज्ञान वेद के संपूर्ण उदात्त विचार भारतीय संस्कृति में समाविष्ट हैं । संसार में अनेक विचारधाराएं हैं , अनेक संप्रदाय हैं , भारतीय संस्कृति से इतर जितनी भी संस्कृतियां […]
भारत के स्वतंत्रता को जलाने में क्रांतिकारी महिलाओं ने अपना बलिदान दिया , उनमें बंगाल की मातंगिनी हाजरा का नाम अग्रगण्य है, जिनकी आज जयंती है । मातंगिनी हाजरा का जन्म 19 अक्टूबर 1870 को पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) मिदनापुर जिले के होगला ग्राम में एक अत्यन्त निर्धन परिवार में हुआ था। जब वह 12 […]
सावरकर के श्री चरणों में भारत रत्न
क्रांतिवीर सावरकर जी जय से इतिहास नायक को जब सरकार की ओर से भारत रत्न देने का मन बना है तो देश के राष्ट्रवादी चिंतकों व लेखकों की लेखनी में भी नव ऊर्जा का संचार हो गया है । जमशेदपुर वासी श्री हरि बल्लभ आरसी जी एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व के स्वामी हैं। जो लगभग 90 […]
========== बाल्मीक रामायण का इस देश के जनमानस पर व्यापक प्रभाव है। राम को हुए 8.70 लाख से अधिक वर्ष व्यतीत हो चुके हैं परन्तु ऐसा लगता है कि यह कुछ ही दिनों पूर्व की बात हो। बहुत से लोगों ने रामायण को नहीं पढ़ा होता परन्तु वह राम के जीवन की अधिकांश घटनाओं को […]