ओ३म् ============== परमात्मा ने 1.96 अरब वर्ष पूर्व इस संसार को बनाया था और तब से इसे चला रहा है। वह कभी सोता व आराम नहीं करता। यदि करता होता तो बहुत पहले इस संसार की प्रलय हो जाती। वह यह सब त्याग व पुरुषार्थ स्वाभाविक रूप से संसार के प्राणियों के लिये करता है। […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
• जिसे मानवता से मोहब्बत होगा वही सच्चा धार्मिक होगा • क्या देश से सवाल पूछने वाले तबलीगी जमात के मकसद को बताएंगे • पूरे देश में कोरोना के वाहक के रुप में खौफजदा हो गए हैं तबलीगी जमात • शाहीनबाग और तबलीगी जमात का रिश्ता क्या है ? • देश की कोरोना संक्रमण से […]
प्रेम में सृजन है, और प्रेम में परमार्थभाव भी है। कैसे ? अब यह प्रश्न है। इसके लिए महात्मा बुद्घ के जीवन के इन दो प्रसंगों पर तनिक विचार कीजिए। महात्मा बुद्घ एक घर में ठहरे हुए थे। एक व्यक्ति जो उनसे घृणा करता था, उनके पास आया और उसने आते ही उन पर थूक […]
दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में कोरोना पॉजिटिव केस के बाद हड़कंप मचा हुआ है। निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात में कई लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी कई मस्जिदों में इसी तरह के जमात की खबरें आ रही है। ऐसे में बिहार के मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी ब्लॉक के गीदड़गंज गांव की मस्जिद […]
आरएसएस के सेवा प्रकल्प और महामारी
ललित गर्ग:- कोरोना ऐसा संकट ऐसा है, जिसने भारत के लोगों को संकट में डाल दिया है। इस महासंकट के निजात पाने में दुनिया की बड़ी-बड़ी शक्तियां धराशायी हो गई या स्वयं को निरुपाय महसूस कर रही है, ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं उसके स्वयंसेवक अपनी सुनियोजित तैयारियों, संकल्प एवं सेवा-प्रकल्पों के जरिये […]
कोरोना महामारी का इलाज व बचाव
प्रस्तुति : विमल आर्य कोरोना एक कफ है पर ये एक सूखा कफ है। हमारे डाक्टर जितनी भी एंटीबायटिक दवाईयां देते हैं वो कफ को सुखाने के लिए देते है लेकिन ये पहले ही सूखा हुआ कफ है तो इस पर कोई असर नहीं होता। इसी वजह से इसका इलाज अभी तक नहीं ढूंढा जा […]
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जीवनशैली ही हमारे स्वास्थ्य की धुरी
डॉ. राकेश राणा वास्तव में स्वास्थ्य एक संतुलित जीवन पद्धति का नाम है। स्वास्थ्य की भारतीय अवधारणा के केन्द्र में संतुलन ही प्रमुख है। मानव शरीर में वात, कफ और पित्त का संतुलन ही स्वास्थ्य का आधार माना जाता है। शरीर में किसी प्रकार का असंतुलन होना ही रुग्ण होना है। एक स्वस्थ व्यक्ति के […]
पर्यावरण संरक्षण में पंचायतों की भूमिका
डॉ संजीव कुमारी गुर्जर भारत गांव का देश है । गांव में ग्राम पंचायतों का राज है। पंचो को गांव में परमेश्वर माना जाता है। पंचायतें पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। जिससे हम अपनी धरती मां को प्रदूषण से बचा सकते हैं। पंचायतें निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण के […]
देह तो मरणासन्न है एक दिन होवै शून्य। पाप रूलायेंगे तुम्हें, हर्षित करेंगे पुण्य॥1256॥ व्याख्या:- हे मनुष्यों ! यह शरीर तो मरण – धर्मा है , मृत्यु से ग्रसा हुआ है। यह मरण – धर्मा शरीर उस अमृत – रूप अशरीर आत्मा का अधिष्ठान है अर्थात् उसके रहने का स्थान है । जीवात्मा तथा ब्रह्म […]