-वैद्य राजेश कपूर अब इतना तो स्पष्ट हो चुका है कि कोरोना का विषाणु सम्पर्क से फैलता है, इक्यूबेशन काल 14 दिन नहीं 4 दिन है, यह पहले से प्रकृति में है। सबसे महत्व की बात है कि इसका आवरण मेद (फैट) से बना है और भीतर इसका आर.ऐन.ए. सुरक्षित है। पिछले वर्षों के प्राप्त […]
Author: डॉ॰ राकेश कुमार आर्य
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
चारों तरफ कोरोना की चर्चा है। पूरा विश्व कोरोना से लड़ रहा है। लेकिन अभी तक सभी असहाय हैं। चीन के वुहान से वजूद में आया कोविड-19 नाम के इस वायरस ने चीन, इटली, ब्रिटेन, अमेरिका, स्पेन, ईरान, भारत सहित दुनिया के हर हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है। अभी तक इसके इलाज […]
गीता में पाखंड खंडन
हमारे कुछ हिन्दू भाइयों को स्वामी दयानंद से एक शिकायत रहती हैं कि स्वामी जी को हिन्दू समाज कि आस्था का खण्डन नहीं करना चाहिए था। स्वामी जी उद्देश्य किसी कि आलोचना अथवा विरोध नहीं था अपितु जो कुछ भी सत्य हैं उसका मंडन और जो कुछ भी असत्य हैं उसका खंडन था। स्वामी जी […]
कब पनपता है आतंकवाद
स्वार्थ और अहंकार की लड़ाई के चलते बढ़ता आतंकवाद एक भयावह नाग के रूप में हमारे सामने उपस्थित है । आतंकवाद तभी पनपा करता है जबकि इदन्नम की परंपरा मर जाती है ,और व्यक्ति दूसरे के अधिकारों का रक्षक न होकर भक्षक बन जाया करता है । संसार के जितने भी युद्ध हुए हैं या […]
भारत ने ब्रह्मबल और क्षत्रबल दोनों को संयुक्त कर एक अद्भुत व्यवस्था संसार को दी । ब्रह्मबल अपने बौद्धिक मार्गदर्शन से राजा को शासित और अनुशासित रखने का काम करता था । किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति में राजा के दिग्भ्रमित होने की स्थिति में ब्रह्मबल से संपन्न पुरोहित उसे न्याय के लिए प्रेरित […]
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार बीते 5 दिनों से दिल्ली से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों का पलायन हो रहा है। हालत ये है कि दिल्ली-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ऐसी हालत तब है, जब देश में लॉकडाउन है। लोगों को घरों में रखने के लिए देश में अघोषित कर्फ्यू जैसे हालात […]
जीवन में मैंने बहुत सारे कमीने इंसानों को देखा है। पर अरविंद केजरीवाल जैसे किसी राक्षसी प्रवृत्ति वाले व्यक्ति को मैंने नहीं देखा । कल रात योगी जी ने मानवता के आधार पर जो लोग रास्ते में फंसे हुए थे उनको घर पहुंचाने का प्रयास किया। वे वैसे भी शहर छोड़ कर निकल ही गए […]
(सत्यार्थ प्रकाश के सप्तम समुल्लास के आधार पर) लेखक- पं० क्षितिश कुमार वेदालंकार ईश्वर सर्वशक्तिमान् है- वाह, जब ईश्वर को सर्वशक्तिमान् कहते हो, अर्थात् वह सब कुछ कर सकता है, तो फिर अवतार ग्रहण क्यों नहीं कर सकता? यह भी एक बड़ा विचित्र भ्रम लोगों में फैला हुआ है। जिस प्रकार पौराणिक बन्धु परमात्मा को […]
(लेखक: प्रा. डॉ. कुशलदेव शास्त्री) ______________________________________ सुप्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर के पिता महर्षि देवेन्द्रनाथ ने राजा राममोहन राय की “ब्रह्मसमाज” की विरासत को आगे बढ़ाया, पर उनके कामों की विशेषता यह रही कि उन्होंने वेदों के अध्ययन को एक अविभाज्य अंग माना। उनके अनुसार प्राचीन हिन्दू धर्म ग्रंथों में हिब्रू धर्म ग्रंथों से भी अधिक […]
ओ३म् ========= हम अपने नाम, माता-पिता तथा आचार्य आदि के नामों व सम्बन्धों से जाने पहचाने जाते हैं। हमें स्कूलों में यह नहीं बताया जाता है कि वस्तुतः व तत्वतः हम कौन हैं? हमारे पास देखने के लिए आंखें, सुनने के लिये कान, चलने के लिए पैर, सूंघने के नासिका तथा पदार्थों का स्वाद जानने […]