भेद – दृष्टि मिटा मन से ….. तर्ज : बचपन की मोहब्बत को ….. हर प्राणी का स्वामी वही ईश्वर कहलाता । सम – दृष्टि रखो सबमें, है वेद यही गाता ।। टेक।। आंधी और तूफाँ में किश्ती ना भटक जाए । नजरों से कभी ओझल भगवान ना हो पाए।। कण कण में वही प्यारा […]
लेखक सुप्रसिद्ध इतिहासकार और भारत को समझो अभियान समिति के राष्ट्रीय प्रणेता है
भेद – दृष्टि मिटा मन से ….. तर्ज : बचपन की मोहब्बत को ….. हर प्राणी का स्वामी वही ईश्वर कहलाता । सम – दृष्टि रखो सबमें, है वेद यही गाता ।। टेक।। आंधी और तूफाँ में किश्ती ना भटक जाए । नजरों से कभी ओझल भगवान ना हो पाए।। कण कण में वही प्यारा […]
‘राजतरंगिणी’ का शाब्दिक अर्थ भारत के प्राणतत्व के साथ किस प्रकार कश्मीर एकाकार होकर रहा है ? इस पर कल्हण जैसे मनीषी ने अपनी पुस्तक ‘राजतरंगिणी’ में विशेष प्रकाश डाला है। कश्मीर के इतिहास को जानने के लिए सचमुच ‘राजतरंगिणी’ एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस पुस्तक के नामकरण में भी कवि की विद्वता झलकती है। […]
वेदों के नाम पर यज्ञों का आयोजन करके उसमें पशु बलि देना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं था, परंतु एक काल ऐसा आया था जब इस प्रकार का अत्याचार पशुओं पर निरंतर बढ़ता जा रहा था । मानवता और वेदों की मूल अवधारणा के विरुद्ध अपनाए जा रहे इस प्रकार के अत्याचार के विरुद्ध […]
कई इतिहासकारों ने कश्मीर को हिंदू और बौद्ध संस्कृतियों का पालना कहा है। उनके ऐसा कहने पर हमारी असहमति है। हमारी असहमति का कारण यह है कि हिंदू और बौद्ध कोई अलग – अलग दो चीजें नहीं हैं। इन दोनों के पूर्वज एक हैं। इन दोनों का मातृभूमि के प्रति दृष्टिकोण भी एक है। इन […]
ज्ञान की अग्नि जले तो भस्म करती पाप को। कर्म बन्धन भस्म होता दूर करती है ताप को।। टेक।। ज्ञान के सदृश धरा पर ना पवित्र कोई वस्तु है। कर्म योग को सिद्ध करती अनमोल प्यारी वस्तु है।। हृदय में तू ज्ञान उपजा और जीत ले संसार को … ज्ञान की अग्नि जले तो भस्म […]
गीता मेरे गीतों में, गीत संख्या – 10 जीवन बनेगा आला … योगीराज कृष्ण प्यारे, संसार में निराले। थे धर्म के उद्धारक , वेदों की बंसी वाले।। टेक।। था कंस को मिटाया , शिशुपाल को भी मारा । जरासंध को मिटाया, ना संकटों से हारा ।। गाता था गीत हर पल संगीत वेद वाले […]
अर्जुन ! हथियार उठा ले — तर्ज – देहाती श्री कृष्ण ने अर्जुन को उपदेश दिया था भारी। कहा – अर्जुन ! हथियार उठा ले, कर रण की तैयारी।। टेक।। प्रवृत्ति से दूर हटा और निवृत्ति को अपना ले। जन्म – मरण के चक्कर से तू अपना आप बचा ले।। मत गोरखधंधा कर […]
जब 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा हरिसिंह ने जम्मू कश्मीर रियासत का भारत में विलय कर दिया तो 27 अक्टूबर 1947 से जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया ।हमें इस संदर्भ में यह भी ध्यान रखना चाहिए कि 1947 में भारत के साथ विलय पत्र पर जिन – जिन राजाओं ने अपनी- अपनी […]
8 निष्काम कर्म करके चलना …… तर्ज : होठों से छू लूँ तो …… योगी श्री कृष्ण ने हमें मार्ग बताया है। निष्काम कर्म करके चलना सिखलाया है।। यदि जीवन के मार्ग में अवरोध कहीं आए। ना निराश कभी होना चाहे मुश्किल जो आए।। समभाव बरतना है, उपदेश बताया है ….. योगी श्री कृष्ण ने […]
गीता मेरे गीतों में गीत संख्या – 7 किस पर तू व्यर्थ गुमान करे ? टेक : – जीवन पाकर क्यों इतराता, किस पर तू व्यर्थ गुमान करे ? यहाँ आना सही, फिर जाना सही यहाँ हंसना सही और गाना सही यदि प्रेम किया ना ईश्वर से फिर किस पर तू अभिमान करे ? जीवन […]