1947 में भारतीय राष्ट्रभाषा के विषय पर चर्चा हो रही थी …. जब पाकिस्तान ने उर्दू को राष्ट्रीय भाषा बनाया था….उस समय दक्षिण भारत से एक व्यक्ति सामने आया जिसका नाम था अन्ना दुरई … वह एक communist थे…उनका ज्यादा जन-आधार नहीं था…परन्तु उनके एक वक्तव्य ने उनको इतना जन-आधार दिया कि वो पूरे दक्षिण […]