रिंकु कुमारी मुजफ्फरपुर, बिहार गोपालपुर तरौरा गांव के 45 वर्षीय शिवनंदन पंडित के परिवार में चार से छह लोग रहते हैं. एस्बेस्टस के एक छोटे से मकान में पूरा परिवार किसी तरह गुजर-बसर करता है. जमीन बस मकान भर है. खेतीयोग्य जमीन तो बिल्कुल भी नहीं है. मजदूरी करके हर महीने बमुश्किल 6-7 हजार रुपये […]
पूरा आसमान अपना, मगर दो गज जमीन नहीं