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वर्णसंकर हैं ये सारे

सृष्टि का प्रत्येक तत्व अपने मूल गुण धर्म और हर प्राणी अपने मूल स्वभाव की वजह से जाना-पहचाना जाता है। जब इस मूल गुण धर्म और स्वभाव में तनिक सा भी परिवर्तन आ जाए, मिलावट आ जाए या फिर मूल गुणधर्म ही नष्ट हो जाएं तब यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि वह अपने […]

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दिल्ली में अब क्या होगा?

मैंने चार−पांच दिन पहले लिखा था कि यदि दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग कोई सरकार खड़ी करवा सकें तो अगला राष्ट्रपति उन्हें ही बनवा दिया जाना चाहिए। इसका अर्थ क्या था? यही कि वे असंभव को संभव बनाने में जुटे हुए थे। अब दिल्ली विधानसभा के भंग होने के बाद जो चुनाव होंगे, उनमें से […]

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आइये जाने ह्रदय रोग के ज्योतिष कारण एवं उनका निवारण

पं0 दयानंद शास्‍त्री सभी जानते हैं कि कुण्डली का छठा भाव रोग का होता है तथा छठे भाव का कारक ग्रह मंगल होता है। द्वितीय (मारकेश), तृतीय भाव, सप्तम भाव एवं अष्टम भाव(मृत्यु) का है। हृदय स्थान की राशि कर्क है और उसका स्वामी ग्रह चन्द्रमा जलीय है। हृदय का प्रतिनिधित्व सूर्य के पास है […]

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शनि अमावस्या 22  नवम्बर, 2014  को मनाई जाएगी

पं0 दयानंद शास्‍त्री सभी जानते हैं की मार्गशीर्ष अमावस्या का एक अन्य नाम अगहन अमावस्या भी है. इस अमावस्या का महत्व कार्तिक अमावस्या से कम नहीं है. जिस प्रकार कार्तिक मास की अमावस्या को लक्ष्मी पूजन कर दिपावली बनाई जाती है. इस दिन भी श्री लक्ष्मी का पूजन करना शुभ होता है. इसके अतिरिक्त अमावस्या […]

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भारत में पुलिस राज के पद सोपान और शासन तंत्र पर मजबूत पकड़

मनीराम शर्मा सुप्रीम कोर्ट ने यह व्यवस्था दे रखी है कि किसी भी व्यक्ति पर उसकी सहमति के बिना नार्को या पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं किया जाए| किन्तु यह आदेश कितना प्रभावी है कहना आसान नहीं होगा| हिरासत में व्यक्ति से पूछताछ के लिए पुलिस द्वारा थर्ड डिग्री इस्तेमाल किया जाना कोई नया नहीं है| फिर […]

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हम इंसान हैं या जंगली

क्या से क्या होता जा रहा है। सब तरफ इंसानियत स्वाहा हो रही है और इंसान अपने आपको भुलाता जा रहा है। कोई कंचन-कामिनी के पीछे पागल है, कोई अपनी सल्तनत चाहता है, कोई पैसों का भूखा है, कोई जमीन-जायदाद का। कोई मजहब के नाम पर सिक्का चलाना चाहता है, कोई क्षेत्र, भाषा और व्यक्ति […]

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संकीर्ण दायरों में न बांधे विलक्षण प्रतिभाओं को

आदमी जब तक कोई उपलब्धि प्राप्त नहीं कर पाता, जब तक भीड़ का हिस्सा बना रहता है तब वह चाहे कितना मेधावी, उपयोगी, परोपकारी, सेवाभावी और विलक्षण हो, उसकी ओर कोई झाँकने की कोशिश भी नहीं करता। बेचारा इंसान अपनी व्यक्तिगत मेहनत, कड़े संघर्षों और जाने किन-किन समस्याओं और चुनौतियों से जूझता हुआ अपने आपको […]

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अमेरिका का पहला सच

 अमेरिका के रक्षा मंत्रालय की एक रपट में यह पहली बार स्वीकार किया गया है कि भारत के विरुद्ध आतंकवाद फैलाने के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है। पाकिस्तान की फौज भारत के मुकाबले बहुत कमजोर है इसलिए इस कमी की भरपाई वह आतंकवाद के जरिए करना चाहती है। नरेंद्र मोदी की शपथ के समय भी हेरात […]

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अच्छी−अच्छी बातोंवाले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ बताते हुए देशवासियों को आश्वस्त किया कि वे उन पर भरोसा रखें। उनका यह ‘प्रधानसेवक’ देश के गरीबों का एक−एक पैसा वापस लाएगा। वह काले धन की वापसी में कोई कसर उठा नहीं रखेगा। मोदी को यह क्यों कहना पड़ा? इसीलिए कि उनके वित्तमंत्री अरुण जेटली के बयान […]

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श्वान वृत्ति के होते हैं अधीर और उतावले

जिधर देखो उधर अनावश्यक उतावलापन हावी है। आदमी हर काम जल्दी से जल्दी कराना और होते देखना चाहता है। धैर्य और गांभीर्य मनुष्य का गुण है जबकि उतावलापन और अधीरता वह नकारात्मक पक्ष है जो अधिकांश लोगों में देखने को मिलता है। अपने या किसी भी प्रकार के अच्छे कामों को शीघ्रता से पूर्ण कर […]

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