(यह लेख माला हम पंडित रघुनंदन शर्मा जी की वैदिक सम्पत्ति नामक पुस्तक से सुधि पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहे हैं।) प्रस्तुति-देवेंद्र सिंह आर्य (चैयर मैन- ‘उगता भारत ‘) गतांक से आगे … इस गति से प्रकृति के पाँचों कर्म उत्पन्न होते हैं।। अग्नि का गुण ऊपर आना है, इसीलिए अग्नि के परमाणु ऊपर […]