संसार के महान मनोचिकित्सक : पतंजलि तन के साथ-साथ मन की चिकित्सा करना सचमुच बहुत बड़ी साधना का परिणाम होता है। भारतीय ऋषियों ने इस सत्य को बड़ी गहराई से समझा कि तन तभी रोग ग्रस्त होता है जब मन रोग ग्रस्त हो चुका होता है। ‘मन के हारे हार है, मन के जीते जीत’ […]