5 अगस्त को जब धारा 370 और 35a को हटाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में प्रस्ताव प्रस्तुत किया तो कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस प्रस्ताव का यह कहकर विरोध किया भाजपा ऐसा करके लोकतंत्र और संविधान की हत्या कर रही है । जबकि उन्हें यह ज्ञात होना […]
Category: राजनीति
ट्रंप नहीं अमेरिका का अतीत बोल रहा है
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले दिनों कश्मीर के संबंध में अपना यह बयान देकर कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनसे कश्मीर समस्या का समाधान कराने के लिए मध्यस्थ होने के लिए कहा था , अपनी स्थिति को खराब कर लिया है । भारत में बड़ी तेजी से ट्रंप के प्रति एक […]
“कर्नाटक ने दिए 2019 के संकेत”
लोगों को आशंका थी कि कर्नाटक में भाजपा का अश्वमेघ का घोड़ा अटक जाएगा पर कर्नाटक की जनता ने जिस प्रकार का जनादेश दिया है उससे यह तो स्पष्ट हो ही गया है कि वहां के लोग राष्ट्र हित में उचित निर्णय लेना जानते हैं। इस चुनाव पर सारे देश की निगाहें थीं और इसका […]
डॉ. मनीष कुमार जब से अमित शाह ने जानवरों से नेताओं की तुलना की तो विवाद बन गया. लेकिन इस पोस्ट का जानवरों से लेना देना नहीं है. शीर्षक में लिखे जानवरों के नाम पर न जाएं. ये किसी नेता को नीचा दिखाने के लिए नहीं बल्कि राजनीति शास्त्र के मानक सिद्धांतों पर नेताओं के […]
सियासत की मजबूरी, गठबंधन जरूरी
राघवेंद्र प्रसाद मिश्र राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं होता। सत्ता हासिल करने के लिए कब कौन किसका दामन थाम ले कुछ कहा नहीं जा सकता। अवसरवाद की राजनीति में नेताओं के चाल, चरित्र व चेहरे को समझ पाना थोड़ा मुश्किल है। भाजपा के बढ़ते जनाधार ने देश की राजनीति को एक नए मोड़ पर […]
कहावत है कि जैसा राजा होता है वैसी प्रजा होती है। यह बात बहुत पहले चाणक्य ने कही थी। यदि यह बात अक्षरश: आज देश में लागू हो जाए तो सचमुच प्रलय आ जाएगी और उस प्रलय में हम सब बह जाएंगे। बात यह है कि भारत की केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ […]
उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास समिति 2018 के परिप्रेक्ष्य में कुछ महत्वपूर्ण सुझाव: महोदय, उत्तर प्रदेश के विकास की बातें आपके व मुख्यमंत्री योगी जी द्वारा सकारात्मक पहल करते हुए की जा रही हैं। इसके लिए जेवर में जिस तरह से विश्व के चौथे नंबर पर आने वाले विशाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का निर्माण कराए जाने […]
मेघालय में लोकतन्त्र की हत्या
त्रिपुरा और नागालैंड की जनता के जनादेश के आधार पर भाजपा को वहाँ अपनी सरकार के गठन करने का पूर्ण अधिकार है। लेकिन मेघालय में जो कुछ हुआ या हो रहा है उसे लोकतन्त्र की मर्यादाओं के अनुकूल नहीं कहा जा सकता। वहाँ पर जनमत या जनादेश भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए […]
पूर्वोत्तर के तीन छोटे छोटे प्रान्तों त्रिपुरा, नागालैंड व मेघालय के चुनाव परिणाम आ गए हैं। इन चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्वोत्तर भी अब भाजपा के भगवा रंग में रंग गया है और कॉंग्रेस को यहाँ से भी चलता कर दिया गया है। त्रिपुरा विधानसभा की कुल 60 सीटों में से […]
आजादी के बाद विचारधारा से हटी कांग्रेस
28 दिसंबर 1885। कांगे्रस का स्थापना दिवस। दिन के 12 बजे थे और मुंबई का गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कालेज कांग्रेसजनों से खचाखच भरा था। अंग्रेज अधिकारी एलन आक्टेवियम ह्यूम ने व्योमेश चंद्र बनर्जी के सभापतित्व का प्रस्ताव रखा और एस सुब्रमण्यम अय्यर और काशीनाथ त्रयंबक तैलंग ने उसका समर्थन किया। इस तरह कांग्रेस का जन्म […]